दवा कंपनियां इन दिनों अधोमानक दवाएं बनाकर लोगों के जीवन से खिलवाड़ कर
रही हैं। जालौन में औषधि विभाग की ओर से की गई सैंपलिंग में इनका खुलासा
हुआ है। पिछले पांच महीनों में विभाग से इकट्ठा किए गए 74 से अधिक सैंपलों
को जांच के लिए भेजा गया जिनमें आधा दर्जन दवाओं की सैंपल अधोमानक पाए गए
हैं। इनमें नामी कंपनियों की दवाओं के सैंपल भी
शामिल हैं। गौरतलब है
कि बाजार में अधोमानक दवाओं की बिक्री पर रोक लगाने के लिए औषधि विभाग
समय-समय पर छापेमारी और सैंपल भरने का काम करता रहता है। इसी क्रम में
पिछले पांच महीनों के दौरान विभाग जिले के विभिन्न
मेडिकल स्टोरों से करीब
74 सैंपल भरे और इन्हें टेस्ट के लिए लखनऊ भेजा गया। विभाग को इनमें से 31
सैंपलों की रिपोर्ट मिल गई है। इनमें छह से अधिक दवाओं के सैंपल फेल बताए
जा रहे हैं। यानि इन दवाओं में वे तत्व अधोमानकों पाए गए जिनका उनके
स्ट्रिप पर उल्लेख था।
ये दवाएं मिलीं अधोमानक
आक्सफोर्ड फार्मा हरिद्वार की लिवोम 500 टैबलेट,
कांसेप्ट फार्मा सोडयूल लिमिटेड औरंगाबाद का आईबुकोम प्लस सीरप
लेक्सस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड देहरादून का लेमोलेड गोल्ड सीरप
जीएस फार्मा सोडयूकल लिमिटेड हरिद्वार की निमवेस्ट टैबलेट
रीजेंसी हेल्थ केयर रुद्रपुर उत्तराखंड की यूनिस टैबलेट
फार्मा सिंध हरिद्वार की एलसीटी वन टैबलेट
वर्जन
मेडिकल
स्टोरों पर छापेमारी कर दवाओं के सैंपल भरे गए थे। अब रिपोर्ट आ गई है।
रिपोर्ट के आधार पर संबंधित कंपनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी-
उमेश भारती, ड्रग इंस्पेक्टर