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Jalaun News: मेडिकल स्टोर संचालक का अपहरण करने वाले छह लोगों को आजीवन कारावास की सजा

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उरई। करीब 12 साल पहले मेडिकल स्टोर संचालक का अपहरण कर परिजनों से एक करोड़ रुपये की फिरौती मांगने वाले छह बदमाशों को विशेष न्यायाधीश (डकैती कोर्ट) डॉ. अवनीश कुमार ने शुक्रवार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। सभी पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। जुर्माने की आधी राशि पीड़ित परिवार को देने का आदेश दिया है। सबूत के अभाव में दो आरोपी बरी हो गए हैं। मामले में पीड़ित और एक आरोपी की मौत हो चुकी है।
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मध्य प्रदेश के दतिया कोतवाली क्षेत्र के रिछारा फाटक निवासी प्रीतम जमादार, नीरज वाल्मीकी, कानपुर देहात के नवीपुर निवासी संदीप कुमार, प्रदीप कुमार, कानपुर नगर के घाटमपुर कोतवाली क्षेत्र के बेहटा गांव निवासी मोहम्मद इकबाल, झांसी जिले के मोंठ कोतवाली क्षेत्र के जोरा गांव निवासी उमेश कुमार मिश्रा को सजा मिली है।

वहीं, मध्य प्रदेश के दतिया जिले के तलैया निवासी छोटू उर्फ दादा, कानपुर देहात के गजनेर थाना क्षेत्र के कुरारी निवासी दीपक उर्फ दिनेश को सबूतों अभाव में बरी कर दिया गया।
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चावनपुरा गांव निवासी सौरभ ने एट थाने में तहरीर देकर बताया था कि 23 जुलाई 2013 की रात नौ बजे उनका बड़ा भाई अजय कुमार एट स्थित मेडिकल स्टोर बंदकर बाइक से घर आ रहा था। देर रात तक घर नहीं पहुंचा। इसके बाद परिजनों ने उसकी खोजबीन की तो एट के रास्ते में उसकी बाइक, चप्पल और मोबाइल पड़ा मिला। पुलिस ने अज्ञात लोगों पर रिपोर्ट दर्ज कर तलाश शुरू की थी।



तत्कालीन प्रभारी प्रवीण कुमार यादव को जांच के दौरान एट के एक व्यक्ति ने किसी व्यक्ति के अपहरण की जानकारी दी। इसके बाद फोन पर परिजनों से एक करोड़ रुपयों की फिरौती मांगी गई। पुलिस ने कॉल डिटेल के आधार पर बदमाशों की लोकेशन कैलिया के सलैया के जंगल में ट्रेस की थी।

तीन अगस्त 2013 की रात 11 बजे पुलिस सलैया के जंगल में पहुंची तो आहट सुनकर अजय कुमार चिल्लाने लगा। इस पर बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। पुलिस ने घेराबंदी कर प्रीतम जमादार, नीरज वाल्मीकी, संदीप कुमार, प्रदीप कुमार, मोहम्मद इकबाल, उमेश कुमार मिश्रा और बाल किशुन कुशवाहा को मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया। छोटू उर्फ दादा, कुरारी निवासी दीपक उर्फ दिनेश भाग गए थे।



पुलिस ने बाद में सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया था। सुनवाई के दौरान आरोपी बाल किशुन की मौत हो गई। वहीं, फरवरी 2024 को अजय की भी मौत हो चुकी है।
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