मुहम्मदाबाद में कटखने बंदरों का आतंक फैल गया है। बुधवार को गांव बंदरों
ने अलग-अलग स्थानों पर मासूमों सहित छह ग्रामीणों को काटकर घायल कर दिया।
छोटे-छोटे बच्चों को तो काटकर बुरी तरह से लहूलुहान कर दिया। दहशत के चलते
लोग घरों में कैद होकर रह गए हैं।
बुधवार को छत पर अपनी मां के साथ धूप
सेंक रहे 6 वर्षीय राजा पर बंदरों के झुंड ने हमला बोल दिया। इस दौरान
बंदरों ने बच्चे को काटकर लहूलुहान कर दिया। मां बचाने भागी तो बंदरों ने
उसे भी दौड़ा लिया। शोर सुनकर परिजन डंडे लेकर छत पर पहुंचे लेकिन तब तक
बंदरों ने राजा को बुरी तरह घायल कर दिया था। परिजन उसे पास के अस्पताल ले
गए।
इसी तरह गांव के ही अयान (5) पुत्र इस्लाम को भी बंदरों ने काट लिया।
घटना के समय वह छत पर बैठा था और बिस्कुट खा रहा था। इस पर बंदर ने झपट्टा
मारकर उससे बिस्कुट छीन लिया और उसे काट भी लिया। इसी तरह दो युवकों राहुल
वर्मा और आमिर पर भी कटखने बंदरों ने हमला किया। दोनों युवक घायल हो गए।
उधर,
दुकान से बिस्कुट का पैकेट लेकर लौट रही नेहा (5) पर बंदरों ने हमला बोल
दिया और हाथ चबा खाया। उधर, महिला नफीसा के यहां किचन की खिड़की खुली पाकर
बंदरों का झुंड अंदर घुस आया और उत्पात शुरू कर दिया। नफीसा किचन में
पहुंचीं और बंदरों को भगाने के लिए डंडा उठाया तो एक बंदर ने उनके पैर में
काट लिया। सभी घायलों ने डाक्टर
के यहां जाकर इलाज कराया। बता दें कि
क्षेत्र में बंदरों के आतंक से लोग अपने-अपने घरों में डंडा रखते हैं और
इन्हें भगाने की दिन रात कोशिशें करते रहते हैं। खासतौर पर बंदर बच्चों को
शिकार बनाते हैं और उनके हाथ से खाने का सामान छीन लेते है। एक महीने से
गांव में अपना आशियाना बनाए बंदरों के झुंड का आतंक बढ़ गया है। ग्रामीणों
ने जिला प्रशासन से इस समस्या से निजात दिलाने की मांग की है।
वर्जन
बंदरों
के आतंक सूचना मिली है लेकिन यहां बंदर पकड़ने की ट्रेनिंग किसी के पास
नहीं है। विभागीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद कानपुर से प्रशिक्षित टीम को
बुलाकर उत्पाती बंदर पकड़वाए जाएंगे। -मनीष कुमार, क्षेत्रीय वन रक्षक