उरई। शहर कोतवाली पुलिस ने शनिवार को एसएमएस रेस्टोरेंट में छापा मारकर आठ लोगों को पकड़ा था। रविवार को पुलिस ने महिला समेत छह लोगों को न्यायालय में पेश किया, यहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। सभी के खिलाफ अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
झांसी रोड स्थित एसएमएस रेस्टोरेंट में लंबे समय से देह व्यापार संचालित होने की सूचना पर शनिवार शाम सीओ राजीव कुमार शर्मा, सिटी मजिस्ट्रेट सुनील कुमार और कोतवाल आनंद सिंह ने महिला पुलिसकर्मियों के साथ छापा मारा था। कार्रवाई के दौरान मौके से दो युवती, एक किशोरी और एक महिला सहित चार पुरुषों को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस को मौके से पान मसाला, सिगरेट, माचिस, एंट्री रजिस्टर, क्यूआर कोड बॉक्स, रसीद बुक व आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद हुई। तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से नौ मोबाइल फोन और 4190 रुपये नकद भी मिले।
गिरफ्तार आरोपियों में से माधौगढ़ क्षेत्र के गढ़ा हरौली निवासी सीमा, बघौरा निवासी चंद्रकिशोर, लहरिया पुरवा निवासी मुकीम, एट क्षेत्र के पचोखरा निवासी दीपेंद्र कुमार, डकोर के चिल्ली निवासी अभिषेक और नरछा निवासी गौरव सिंह को जेल भेज दिया गया है।
वहीं, इस रैकेट में शामिल होटल संचालक शिवा और सचिन के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज की गई है। सीओ राजीव कुमार शर्मा ने बताया कि फरार आरोपियों की तलाश जारी है और जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
देह व्यापार के कानपुर से जुड़े तार, शहर में लाकर कराया जाता था धंधा
उरई। शहर में पकड़े गए देह व्यापार के रैकेट के तार कानपुर से जुड़ते नजर आ रहे हैं। पकड़ी गई एक युवती ने पूछताछ के दौरान बताया कि उसे और उसकी अन्य साथियों को कानपुर से उरई लाया जाता था। यहां अलग-अलग स्थानों पर ठहराकर ग्राहकों से उनका संपर्क कराया जाता था। काम पूरा होने के बाद उन्हें वापस भेज दिया जाता था या फिर दूसरे स्थानों पर शिफ्ट कर दिया जाता था।
उसने यह भी बताया कि पहचान छिपाने और पुलिस से बचने के लिए लड़कियों को लगातार बदला जाता था, जिससे रैकेट लंबे समय से सक्रिय बना हुआ था। ग्राहकों से संपर्क कराने के लिए मोबाइल और अन्य माध्यमों का इस्तेमाल किया जाता था।
पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है और कानपुर से जुड़े लोगों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही पूरे गिरोह का पर्दाफाश किया जाएगा।