फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लक्ष्य से कम बुआई, खरीद कैसे होगी पूरी

Wed, 30 Mar 2016 11:19 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
विज्ञापन
गेहूं
विज्ञापन
इस बार गेहूं खरीद का लक्ष्य पूरा करना खरीद केंद्र के प्रभारियों के लिए चुनौती होगा। सूखा पड़ने से गेहूं बुआई का लक्ष्य ही पूरा नहीं हुआ है तो खरीद का अनुमानित 83 मीट्रिक टन लक्ष्य कैसे पूरा होगा ये बड़ा सवाल है। यही सवाल केंद्र प्रभारियों के साथ संबंधित संस्थाओं के लोगों मन में भी है। सूखा से पहले ही फसलें प्रभावित थीं और इसके बाद रही सही कसर
विज्ञापन


ओलावृष्टि ने पूरी कर दी। जिले में गेहूं का आच्छादन 1,42,931 हेक्टेयर क्षेत्रफल में हुआ था, जो लक्ष्य से 13037 हेक्टेयर कम रहा। प्रशासन को उम्मीद है कि बीते वर्ष का लक्ष्य तो पार कर ही लिया जाएगा। जानकारी के मुताबिक दैवी आपदा का प्रकोप बीते कई वर्षों से चला आ रहा है। कभी बारिश से तो कभी सूखा से खरीफ व रबी की फसल बर्बाद होती रही है।

बीते वर्ष में भी ओलावृष्टि व बारिश से गेहूं की फसल नष्ट हुई थी। कई इलाकों में नुकसान का प्रतिशत सौ फीसदी रहा। इस वजह से 46800 मीट्रिक टन गेहूं की खरीददारी हो पाई थी। इस वर्ष भी रबी फसल प्रभावित हुई है, ऐसे में  गेहूं उत्पादन कम होने के आसार हैं। जिले में 155968 हेक्टेयर गेहूं बुआई का लक्ष्य कृषि विभाग ने निर्धारित किया था। सूखा पड़ने
विज्ञापन


और समय से पानी न मिल पाने की वजह से सिंचाई नहीं हो पाई। इसका असर यह रहा कि 142931 हेक्टेयर क्षेत्रफल में ही गेहूं बोया जा सका। लक्ष्य से 13037 हेक्टेयर क्षेत्रफल

कम आच्छादन हुआ। उत्पादन के आंकड़ों पर नजर डालें तो बीते वर्ष 13.05 क्विंटल प्रति हेक्टेयर के हिसाब से उत्पादन हुआ था। इस वर्ष कम उत्पादन का अनुमान लगाया जा रहा है। ऐसे में विभाग के लिए खरीद लक्ष्य तक पहुंचना बड़ी चुनौती से सम नहीं होगा।

18 हजार हेक्टेयर फसल हुई प्रभावित
जनपद में 142931 हेक्टेयर क्षेत्रफल में गेहूं की बुआई हुई थी। इसके बाद आसमान से किसानों पर आफत के ओले बरसे जिससे मटर, मसूर के साथ गेहूं की फसल भी प्रभावित हुई। जिला प्रशासन ने नुकसान का आंकलन कराया तो स्पष्ट हुआ कि 18 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल की फसल ओला व बारिश से नष्ट हुई है। इसमें 33 फीसदी से अधिक नुकसान आंका गया है। इसके अलावा कुछ फसल ऐसी भी है जिसमें 10 से 30 फीसदी नुकसान हुआ है।

वर्ष 2012-13 का ही माना गया लक्ष्य
इस वर्ष शासन ने गेहूं खरीद के लिए कोई नया लक्ष्य निर्धारित नहीं किया है। वर्ष 2012-13 में 83 हजार मीट्रिक टन गेहूं का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। यही लक्ष्य वर्ष 2016-17 की खरीद के लिए माना गया है। इसे ही पूरा करने का प्रयास खरीद केंद्रों पर किया जाएगा।

वर्जन
गेहूं खरीद की शुरुआत एक अप्रैल से की जा रही है। खरीद केंद्रों पर तैयारियां पूरी कर ली गई है। रही बात लक्ष्य की तो उसे पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।-    संतोष कुमार पटेल,    जिला खाद्य विपणन अधिकारी जालौन-उरई

गेहूं का आच्छादन लक्ष्य के सापेक्ष नहीं हुआ है। तकरीबन 13037 हेक्टेयर क्षेत्रफल में कम अच्छादन हुआ है। गेहूं का उत्पादन भी प्रभावित रहेगा। इस वर्ष दाने के पतले रहने की संभावना है।-   चौधरी अरुण कुमार
विज्ञापन

                        जिला कृषि अधिकारी जालौन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें