उरई। शहर में शनिवार को दो घंटे तक तेज बारिश हुई। इससे आंबेडकर चौराहा से लेकर घंटाघर तक जलभराव की स्थिति हो गई। बारिश थमने के बाद भी मुख्य बाजार की कई दुकानों में पानी भरा रहा। कहीं साड़ियां भीग गईं तो कहीं कॉपी-किताबें बचाते नजर आए।
दोपहर करीब एक बजे से शुरू हुई बारिश तीन बजे तक जारी रही। बारिश ने दिन भर की उमस और गर्मी से राहत तो दी, लेकिन जलभराव की समस्या और बढ़ गई। मुख्य बाजार के साथ-साथ गलियों में भी पानी भर गया।
घंटाघर से छुट्टन चाट की दुकान तक करीब 40 से 45 दुकानों में पानी घुस गया। दुकानदार लाचारी भरी निगाहों से अपने भींगे सामान को देखते रह गए। बच्चाराम के सामने पनीर, दूध और साड़ियों की करीब दस दुकानों में आधे से अधिक पानी भर गया। तीन से चार फीट ऊंचाई तक पानी चल रहा था।
एक पुस्तक भंडार में पानी घुसने से नीचे रखीं करीब पांच हजार रुपये की किताबें भीग गईं। पन्ना लोहा वाली दुकान और पास की गली में तीन फीट तक पानी भरा रहा। साड़ी की दुकानों के साथ छुट्टन चाट की दुकान में भी पानी घुस गया।
सड़क पर कई फीट ऊंचाई तक पानी बहता रहा। पुलिया छोटी और चोक होने के कारण यह समस्या पिछले डेढ़ महीने से है। मुख्य बाजार के साथ-साथ पीछे के मोहल्लों की गलियों में भी जलभराव हो गया। नालियां चोक हैं और कई जगह पुलियों का आकार छोटा होने से पानी निकल नहीं पा रहा। स्थानीय निवासी सोहन लाल, श्याम और सोहेल ने बताया कि हल्की बारिश में ही पानी उफान पर आ जाता है। कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई समाधान नहीं हो रहा।
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लहारियापुरवा में करंट से भैंस की मौत
लहारियापुरवा में भी वर्षों से जलभराव की समस्या बनी हुई है। यहां अधूरा पड़ा नाला पानी की निकासी में बाधा बन रहा है। बारिश के दौरान सड़कें गंदे पानी से भर जाती हैं। शनिवार को एक बजे से पहले हुई बूंदाबांदी के बीच एक बिजली के खंभे में करंट आ गया। इससे वीर सिंह यादव की भैंस चिपककर मर गई। गनीमत रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। स्थानीय लोगों ने बिजली विभाग के प्रति नाराजगी जताई। जेई जगदीश वर्मा ने बताया कि लाइनमैन को भेजकर खंभे की जांच कराई गई है। नगर पालिका की स्ट्रीट लाइट लाइन में करंट आने से यह हादसा हुआ होगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट हो पाएगा।
पालिका ने कराया जलनिकासी का इंतजाम
वी-मार्ट मॉल के सामने ट्रांसफार्मर के पास अवैध कब्जे के चलते रोजाना बारिश का पानी भरता था। शनिवार की बारिश के बाद पानी सड़क तक पहुंच गया। स्थानीय लोगों ने पालिका के सफाई निरीक्षक संदीप कुमार को शिकायत दी। इनके निर्देश पर मौके पर टीम भेजी गई। अस्थायी अतिक्रमण हटवाकर जलनिकासी की व्यवस्था कराई गई। इससे पानी निकल सका। कई महीनों से यहां पर जलभराव की समस्या बनी हुई थी, जिससे निजात मिल गई।
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सब्जी मंडी और कब्रिस्तान में भी जलभराव
आंबेडकर चौराहा के पास सड़क किनारे पानी भरने से वह सड़क तक पहुंच गया। जिला परिषद कार्यालय के पास भी जलभराव की स्थिति रही। सुशील नगर की गलियों में पानी बहता रहा। कबीरदास मार्ग की गली में गड्ढों में पानी भर गया। कब्रिस्तान में भी जलभराव हो गया। इससे कई कब्रें डूब गईं। नया पटेल नगर में नालियों की सफाई न होने से घरों में पानी घुस गया। उमरारखेरा में स्थिति और भी गंभीर रही। लोगों को पानी में चलकर गुजरना पड़ा।
वर्जन-
बारिश के बीच ही सफाई कर्मचारी काम कर रहे थे। अगर कहीं जलभराव हुआ तो तत्काल उसका समाधान करवा दिया गया। कई जगह पुलिया छोटी होने से पानी धीरे-धीरे निकल पाता है। इसके लिए भी इंतजाम किए जा रहे हैं।
- संदीप कुमार, सफाई निरीक्षक