कालपी। कोरोना काल में बाजारों का लगातार बदलता समय व्यापारियों के लिए समस्या बना हुआ है। ढाई तीन माह के लॉकडाउन के बाद जब अनलॉक आया तो व्यापारियों को लगा कि अब धंधा कुछ जोर पकड़ेगा पर हुआ विपरीत। अनलॉक में भी बढ़ते मरीजों की संख्या देख प्रशासन ने दुकानें खोलने का समय सुबह 9 से शाम 4 बजे का कर दिया। अब यही समय व्यापारियों के गले नहीं उतर रहा है। कहना है कि मुख्य दुकानदारी ही शाम को होती है पर शाम को दुकानों पर ताले लटक जाते हैं। जिनकी अपनी दुकानें हैं, वे तो फिर भी ठीक हैं लेकिन किराए पर दुकानें व फैक्ट्री लेकर काम धंधा करने वाले व्यापारी तो ऐसे ही बर्बाद हो जाएंगे। लिहाजा दुकानों का समय शाम 4 बजे के बजाय रात 8 बजे तक का होना चाहिए। प्रस्तुत है व्यापारियों की प्रतिक्रियाओं पर आधारित खबर-
12 घंटे दुकान खोलने का शासनादेश है
बिल्डिंग मैटेरियल कारोबारी अनीसुल हक निजामी ने कहा कि शासन ने बाजार खोलने के लिए 12 घंटे का समय निर्धारित किया है तो कालपी में सात घंटे बाजार खोलने का आदेश क्यों दिया गया है। इससे व्यापारियों को नुकसान हो रहा है जब सारे नियमों का पालन किया जा रहा है तो समय बढ़ाया जाना चाहिए।
फैसला बदलना बेहद जरूरी
कपड़ा व्यापारी सुनील पटवा का कहना है कि बीते चार महीने से व्यापार में कुछ नहीं कमा पाए हैं। वैसे भी इस अनलॉक में कोई नए कपड़ों को पूछ नहीं रहा है। सभी को अपनी जान की फिक्र पड़ी है। उस पर प्रशासन की ओर से समय की पाबंदी ने तो मानो व्यापार की कमर ही तोड़कर रख दी है। इस फैसले में बदलाव होना बेहद जरूरी है।
कम से कम 8 बजे तक खुले दुकान
टेंट हाउस संचालक श्रीकृष्ण गौतम कहते हैं कि वैसे भी कोरोना काल शादी बारात न होने से कारोबार ठप रहा था, अब ग्राहक शाम के वक्त जब फुर्सत में होता है और बुकिंग के लिए दुकान आता है तो उसे ताला लटकता मिलता है। दोपहर को भले ही 12 बजे दुकान खोली जाए लेकिन बंद करने का समय कम से कम 8 बजे का होना चाहिए।
मशीन सुधारते-सुधारते चार बज जाते हैं
व्यापारी हनी गुप्ता कहते हैं कि हाथ कागज फैक्ट्री संचालन में पूरे दिन बाजार से मशीनरी से संबंधित कई काम होते हैं, यदि मशीन में कोई खराबी आ गई तो शाम के चार तो उसे सुधारते ही बज जाते हैं, फिर कोई काम नहीं हो पाता है। लेबर का खर्च जेब से ही देना पड़ता है। आखिर ऐसा कब तक चलेगा।
हनी गुप्ता- फोटो : ORAI
सुनील पटवा- फोटो : ORAI
अनीस उल हक- फोटो : ORAI