उरई। वन विभाग की ट्रैक्टर-ट्रॉली से प्रतिबंधित शीशम की लकड़ी को आरा मशीन तक भेजे जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद उच्च अधिकारियों ने तत्काल संबंधित रेंजर को तलब किया और उनसे स्पष्टीकरण मांगा है।
जालौन रेंज क्षेत्र में हाल ही में आई आंधी-पानी के दौरान एक शीशम का पेड़ टूट गया था। रविवार को उस पेड़ की लकड़ी को वन विभाग की ट्रैक्टर-ट्रॉली द्वारा बस्तेपुर की आरा मशीन भेजा जा रहा था। स्थानीय लोगों को जब इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने तुरंत उसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया। वीडियो बनते देख ट्रैक्टर चालक ट्रॉली को आरा मशीन के पास छोड़कर मौके से भाग गया। सूचना मिलने पर डीएफओ प्रदीप कुमार ने तत्काल रेंजर को मौके पर जाकर रिपोर्ट तैयार करने और कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
जैसे ही वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। रेंजर ने लकड़ी को बस्तेपुर के बजाय नैनापुर पौधशाला भिजवा दिया, ताकि मामला दबाया जा सके। डीएफओ प्रदीप कुमार ने बताया कि इसकी पुष्टि हुई है कि लकड़ी को आरा मशीन पर ही भेजा जा रहा था। लकड़ी आधे पेड़ की है। इस विषय पर कुछ विभागीय सूत्रों को भी लगाया गया था। रेंजर को तलब किया गया है और उनसे जवाब मांगा गया है।
सोमवार को मामले में पूरी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही एक गंभीर शिकायत यह भी सामने आई है कि पूर्व में भी प्रतिबंधित लकड़ियां काटकर आरा मशीनों पर बेची जा रही थीं। इस संबंध में एक विशेष जांच टीम गठित की जा रही है, जो पूरे प्रकरण की पड़ताल करेगी और जिम्मेदारों की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई करेगी।