मोहर्रम की सात तारीख को हजरत हसन के पुत्र हजरत कासिम की याद में मेंहदी का जुलूस निकाला गया। इस मौके पर इमाम चौक पर अकीदमंदों ने फातिहा पढ़कर अल्लाह से देश में अमन, चैन कायम रखने के साथ परिवार में खुशहाली मांगी।
मुहम्मदाबाद में मुहर्रम की सात तारीख को मेंहदी और अलम का जुलूस पूरी शान-ओ-शौकत के साथ निकाला गया। गांव के इमाम चौक पर सभी मेंहदी एकत्र होकर फातिहा पढ़ते हुए मुराद मांगी गई। इसके बाद गांव के रहमानियां और इस्लाम क्लब अखाड़े के लोगों ने इमाम चौक से मेंहदी जुलूस निकाला।
जुलूस ढोल, नगाड़ों के साथ मोहल्ला तलैयामंडी इमामबाड़ा होते हुए बड़ी मस्जिद के रास्ते भ्रमण करते हुए वापस इमाम चौक पर पहुंचा। इस दौरान ऐनुल आब्दीन, अजीज खां, हाजी न्यामत उल्ला, एजाद खां, अफसार खां, इमरान खां आदि मौजूद रहे।
उधर, इस दौरान बताया गया कि इमाम हुसैन की याद में पहले मोहर्रम से 10 मोहर्रम तक जो रोजे रखे जाते हैं। उनका सवाब रमजान के बाद से सबसे अधिक है और जो अकीदतमंद इन रोजों को रखते हैं उनकी मुरादें पूरी होती हैं।
वहीं, सफाई व्यवस्था दुरुस्त न होने एवं गंदगी को लेकर मुहम्मदाबाद के ताजियादारों ने नाराजगी व्यक्त की।
एसडीएम सदर डॉ. एबी सिंह ने तत्काल नायब तहसीलदार हरप्रसाद व कानूनगो दिनेश कुमार श्रीवास्तव को मौके पर भेज कर ताजिये के भ्रमण वाले रास्तों की व्यवस्थाएं दुरुस्त कराने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने ताजिये के रूट वाले स्थानों की व्यवस्थाएं देखीं और ताजियों से पहले व्यवस्थाएं सुचारू करने का आश्वासन दिया है।