ठहरिए, अगर कालपी के रास्ते कानपुर या आगे किसी दूसरे शहर जा रहे है तो कालपी से संभल कर गुजरिए। क्योंकि यहां के डेढ़ किलोमीटर हाईवे को पार करना किसी मुसीबत से कम नहीं है। अक्सर खराब सड़क की वजह से बड़े वाहन खराब हो जाते हैं, जिससे जाम लग जाता है और घंटों लोगों को जाम के झाम से जूझना पड़ता है।
यह समस्या इसलिए झेलनी पड़ रही है, क्योंकि कई साल से हाईवे का निर्माण कार्य अधूरा पड़ा हुआ है। अधूरे हाईवे के बावजूद आटा टोल प्लाजा पर हाईवे अथारिटी टोल टैक्स वसूल रही है। मजे की बात यह है कि हाईवे निर्माण को लेकर न तो हाईवे अथारिटी संजीदा है और ना ही जिला प्रशासन इस ओर कोई ठोस निर्णय कर पा रहा है।
अधूरे हाईवे ने कालपी के विकास को ठप-सा कर दिया है। कारण यह है कि यहां पर हाईवे नगर के मध्य से निकला हुआ है। हाईवे अथारिटी ने निर्माण तो कराया पर मुआवजे को लेकर स्थानीय वाशिंदों से मतभेद हो गया और कार्य ठप हो गया।
पिछले कई वर्षों से हाईवे अधूरा पड़ा है। अधूरे हाईवे से सड़क दुर्घटनाएं भी अधिक हो रही है। अब तक कई लोग काल के गाल में समा चुके हैं। जिला प्रशासन, हाईवे अथारिटी केे अफसरों व स्थानीय लोगों केे बीच हाईवे निर्माण को लेकर कई बैठकें हुईं, अफसरों ने प्रस्ताव भी केंद्र सरकार को भेजा, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला।
उधर, अधूरे हाईवे केे बावजूद आटा टोल प्लाजा पर टोल टैक्स वसूला जा रहा है, जिसको लेकर भी कई बार आंदोलन हुआ, पर समस्या का निस्तारण नहीं हो सका। इलाकाई लोगों का कहना है कि हाईवे निर्माण को लेकर जिला प्रशासन व हाईवे अथारिटी संजीदा नहीं है, जिससे कालपी फोरलेन को लेकर समस्या से घिरा हुआ है।