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Jalaun News: 20 करोड़ की लागत से बनेगा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट

Wed, 09 Apr 2025 12:58 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
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उरई। जालौन नगर लंबे समय से जल प्रदूषण और गंदगी की समस्या से जूझ रहा है। नगर की आबादी डेढ़ लाख से अधिक है, जिससे घरों, दुकानों और संस्थानों से प्रतिदिन भारी मात्रा में गंदा पानी और ठोस कचरा निकलता है। यह गंदगी 15 छोटे नालों से होकर गुजरती है और तीन मुख्य बड़े नालों में मिलकर नगर सीमा से बाहर सीधे मलंगा नाले में जाकर गिरती है।
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जालौन में गंदे पानी और ठोस कचरे से सिर्फ जल स्रोत ही नहीं, बल्कि आसपास की कृषि भूमि और पर्यावरण भी प्रभावित हो रहे हैं। स्थानीय लोग कई वर्षों से इस समस्या को लेकर आवाज उठा रहे थे। अब आखिरकार शासन स्तर से इस दिशा में ठोस कदम उठाया गया है।
जल निगम ने जालौन नगर की वर्तमान स्थिति को ध्यान में रखते हुए एक व्यापक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का प्रस्ताव शासन को भेजा था। प्रस्ताव को मंजूरी मिल चुकी है और टेंडर प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। इस प्रक्रिया के पूरा होते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। निर्माण का लक्ष्य 2026 तक प्लांट को पूरी तरह से चालू कर देना है। प्लांट प्रतापपुरा गांव के पास नगर सीमा से बाहर बनेगा, जिसकी क्षमता छह एमएलडी होगी।
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इस प्लांट के जरिए न केवल स्वच्छता सुनिश्चित की जाएगी, बल्कि इससे नगर पालिका को आर्थिक लाभ भी होगा। जैविक खाद की बिक्री से अतिरिक्त आय होगी और साथ ही स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। प्लांट के संचालन के लिए कई तकनीकी और सामान्य कर्मचारियों की नियुक्ति की जाएगी।

मच्छर जनित बीमारियों व जल प्रदूषण से मिलेगी निजात
इस प्लांट के शुरू होने से नगर में खुले नालों से निकलने वाली गंदगी को पूरी तरह से बंद कर दिया जाएगा। सभी छोटे नालों को पाइपलाइन से जोड़कर तीन मुख्य मार्गों से प्लांट तक पहुंचाया जाएगा। यह व्यवस्था न केवल नगर को स्वच्छ बनाएगी, बल्कि मच्छर जनित बीमारियों, जल प्रदूषण और दुर्गंध जैसी समस्याओं से भी छुटकारा मिलेगा।
प्लांट में शुद्ध किए गए जल से होगी खेतों की सिंचाई
प्लांट में शुद्ध किए गए जल को बेकार नहीं जाने दिया जाएगा। करीब 10 किलोमीटर के दायरे में बसे किसानों को यह शुद्ध जल सिंचाई के लिए दिया जाएगा। इससे सिंचाई में लगने वाली लागत कम होगी और जल संकट झेल रहे किसानों को बड़ी राहत मिलेगी। इसके अतिरिक्त, प्लांट में निकले ठोस कचरे से उत्पन्न की जाने वाली जैविक खाद भी किसानों को सस्ते दामों पर उपलब्ध कराई जाएगी। इस खाद से न केवल फसल की गुणवत्ता बढ़ेगी, बल्कि उत्पादन भी बेहतर होगा।
जालौन नगर में प्लांट बनना है, शासन स्तर पर टेंडर प्रक्रिया की जा रही है। जल्द ही काम शुरू होगा। जुलाई 2026 तक काम पूरा होने की आशा है। इससे नगर की गंदगी को साफ किया जाएगा। -मनोज कुमार, एई, जल निगम
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