उरई। पॉक्सो कोर्ट के न्यायाधीश मोहम्मद आजाद की कोर्ट में किशोरी को बहलाकर ले जाने के मामले में आरोपी को सात साल की सजा सुनाई गई।
घटना के ढाई साल बाद आए इस फैसले में दोषी पर 15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। जुर्माना अदा न करने पर पांच माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
शासकीय अधिवक्ता विश्वजीत गुर्जर ने बताया कि उरई कोतवाली क्षेत्र के एक मोहल्ले के रहने वाले एक पिता ने पुलिस को 28 जून 2021 को सूचना दी थी। इसमें उसने अपनी बेटी की उम्र 17 वर्ष बताते हुए तहरीर दी थी कि कोंच कोतवाली क्षेत्र के पटेल नगर निवासी दीपक कुशवाहा बेटी को बहलाकर अपने साथ ले गया है।
पुलिस ने पॉक्सो एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कर दोनों लोगों की तलाश शुरू कर दी। अगले महीने सात जुलाई को मुखबिर की सूचना पर पुलिस उरई के कोंच बस स्टैंड पहुंची। बस का इंतजार कर रहे दोनों को पुलिस ने पकड़ लिया। किशोरी के पिता को थाने बुलाकर पहचान कराई। उसके बाद आरोपी युवक को जेल भेज दिया।
न्यायालय में किशोरी के बयान दर्ज हुए। पुलिस ने उसी साल 11 अगस्त को आरोपी के खिलाफ न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की। ढाई साल चले पॉक्सो कोर्ट में ट्रायल के बाद मंगलवार को सुनवाई पूरी हुई। इसमें साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दोषी पाते हुए सजा सुनाई गई।