उरई (जालौन)। किशोरी से दुष्कर्म और मारपीट के मामले में अपर जिला जज पॉक्सो एक्ट गुलाम मुस्तफा ने दोष साबित होने पर पंद्रह साल की सजा और चालीस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। घटना ढाई साल पुरानी है।
शासकीय अधिवक्ता ब्रजराज सिंह राजपूत ने बताया कि आटा थाना क्षेत्र की एक महिला ने 24 अगस्त 2017 को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी 16 वर्षीय बेटी गांव के किनारे बने पेट्रोल पंप के पास से जा रही थी, तभी गांव का रंजीत अहिरवार पुत्र मलखान उसे जबरन पकड़कर पेट्रोल पंप के पीछे ले गया और उसके साथ मारपीट की और फिर दुष्कर्म किया। बेटी ने किसी तरह घर आकर पूरी बात बताई है।
इसके बाद परिजन उसे लेकर थाने पहुंचे और आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कराया। घटना के कुछ दिन बाद ही आटा पुलिस ने रंजीत को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। बाद में वह जमानत पर छूट भी गया था। रंजीत अपराधी प्रवृत्ति का है। मामले की पैरवी कर रहे शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि किशोरी के साथ दुष्कर्म के मामले में अपर जिला जज पॉक्सो एक्ट गुलाम मुस्तफा ने रंजीत को पंद्रह साल के कठोर कारावास और चालीस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
एक और मामले में दुष्कर्म व हत्या की सुनवाई जारी
शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि जिस मामले में शुक्रवार को रंजीत को सजा हुई है, उस मामले में जमानत पर छूटने के बाद उसने फिर से गांव की ही एक और किशोरी के साथ न सिर्फ दुष्कर्म किया बल्कि उसे जलाकर मार भी दिया था। फिलहाल रंजीत दुष्कर्म और हत्या के मामले में जेल में ही है। जिसकी सुनवाई भी चल रही है। रंजीत की आपराधिक प्रवृत्ति से क्षेत्र के लोगों में उसकी दहशत बनी रहती है।