महेवा (उरई)। कई दिनों से लगातार हो रही बारिश व ओलावृष्टि से फसल की बर्बादी देखकर सदमे में आए किसान ने पेड़ से फांसी लगा ली। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
कालपी कोतवाली क्षेत्र के महेवा गांव निवासी किसान अनिल सिंह (35) के परिजनों ने बताया कि रविवार शाम कुछ देर के लिए बारिश थमने पर अनिल खेतों की तरफ गया था। बारिश व ओलावृष्टि में खेत में मटर की फसल नष्ट हो गई थी। यह देखकर अनिल को सदमा लग गया। खेत से लौटते वक्त उसने घर के पास पेड़ पर साफी
(सिर में लपेटने वाला कपड़ा) का फंदा बनाकर फांसी लगा ली। खेत से लौट रहे ग्रामीणों ने अनिल को पेड़ पर लटका देखकर परिजनों और पुलिस को जानकारी दी। परिजनों ने बताया कि अनिल माता-पिता की इकलौती संतान था। वह खेती-किसानी करके परिवार का भरण-पोषण करता था। बारिश में फसल नष्ट होने से सदमे आकर उसने आत्मघाती कदम उठा लिया।
परिजनों ने बताया कि अनिल के पास 15 बीघा जमीन थी। उसने चार बीघा में मटर और 11 बीघा में अन्य फसलों की बुवाई की थी। बेमौसम हुई बारिश से फसल खराब हो गई थी। वह मटर की सिंचाई पहले ही कर चुका था। खेत में पानी भरे होने से दो दिन से परेशान चल रहा था।
अनिल का इकलौता पुत्र मयंक अपने मामा के घर कानपुर देहात के इनपुरा गांव में रहकर पढ़ाई करता है। पिता चंद्रपाल, मां चंद्ररोशनी, पत्नी पूजा का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।