रेल लाओ स्वाभिमान बचाओ संघर्ष समिति की ओर से आंदोलन को तेज कर दिया गया है। सोमवार को जालौन के अनशनकारियों ने कलेक्ट्रेट में धरना देकर प्रदर्शन किया। इस दौरान सांसद भानुप्रताप वर्मा और रेल मंत्री सुरेश प्रभु के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। वक्ताओं ने कहा कि रेल के लिए जनता सड़कों पर उतरने को भी तैयार है। इसके बाद रेलवे स्टेशन के
प्रबंधक और सिटी मजिस्ट्रेट को मांग पत्र सौंपा गया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने सांसद कार्यालय पहुंचकर घेर लिया लेकिन सांसद के नहीं मिलने पर सड़क पर जाम लगा दिया। मौके पर लगी पुलिस ने सख्ती दिखाई तो प्रदर्शनकारी लौट गए। जालौन नगर को रेलवे लाइन से जोड़ने के लिए 28 दिन से क्रमिक अनशन किया जा रहा है। सपा, बसपा, कांग्रेस समेत अन्य
राजनैतिक दलों का समर्थन भी मिला। इसके बाद भी भाजपा सांसद भानुप्रताप वर्मा उनकी बात सुनने नहीं पहुंचे। इससे प्रदर्शनकारियों में आक्रोश सोमवार को फूट पड़ा। जालौन से संघर्ष समिति के बैनर तले बड़ी संख्या में आंदोलनकारी उरई पहुंचे। यहां कलेक्ट्रेट में सभा की और फिर रेल मंत्री को संबोधित मांग पत्र रेलवे स्टेशन प्रबंधक को सौंपा। इसके बाद डीएम को
संबोधित मंाग पत्र सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि सांसद भानुप्रताप वर्मा 28 दिन के प्रदर्शन के दौरान समस्या पूछने तक नहीं पहुंचे। उनकी इस हठधर्मिता का जवाब दिया जाएगा। इसके बाद रेलवे स्टेशन के प्रबंधक को रेल मंत्रालय के लिए मांग पत्र सौंपा। जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट पीके सक्सेना को सौंपा। इसमें
कहा गया कि कोंच से फफूंद के लिए 89.68 किमी रेल लाइन का सर्वे हुआ था। यह लाइन जालौन से होकर निकाली जानी थी। सर्वे को अमलीजामा पहनाया जाए।
ज्ञापन देने के बाद प्रदर्शन कारी सीधे सांसद कार्यालय पहुंचे। यहां पर उनके कार्यालय को घेर लिया और नारेबाजी की। सांसद के न मिलने पर सड़क पर जाम लगा दिया। कोतवाल
आलोक सक्सेना ने जाम खुलवाया। इस मौके पर पूर्व मंत्री श्रीराम पाल, चंद्रप्रकाश यादव, गौरीश दिवेदी, दीपू द्विेदी उरगांव, सोमिल याज्ञिक, विष्णू अग्रवाल, मधुप्रकाश श्रीवास्तव,
डा.वसीम, मंसब खां, गोपाल जी, इमरान अंसारी, जर्रार, अशोक दीक्षित, असलम, सूरज सिंह, राजू डेंगरे, मनीष वर्मा, अमन समाधिया आदि मौजूद रहे। सांसद कार्यालय एवं कलेक्ट्रेट परिसर में सीओ वंशराज सिंह समेत पीएसी व पुलिस फोर्स तैनात रहा।
रेल रोकने का अल्टीमेटम
प्रदर्शन कर रहे लोगों ने जिला प्रशासन व रेल प्रशासन को अल्टीमेटम दे दिया है कि 15 दिन में उनकी समस्या को नहीं सुना गया तो रेल रोक कर प्रदर्शन किया जाएगा। जरूरत पड़ी तो रेल यातायात पूरी तरह ठप कर दिया जाएगा।
सभी दल हुए शामिल
सोमवार को कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस के जिलाध्यक्ष चौधरी श्यामसुन्दर, शहर अध्यक्ष डा. रेहान सिद्दीकि, प्रमोद रिछारिया आदि, सपा से पूर्व मंत्री श्रीराम पाल, थोपन यादव, दीपू द्विेदी, आम आदमी पार्टी से दीनदयाल काका, अशोक गुप्ता, माकपा माले से कामरेड रामसिंह, बसपा से शाकिर हसन बारसी, जदयू के संतोष राजपूत, महेंद्र सिंह समेत अन्य दलों के लोंगों ने प्रदर्शन में हिस्सा लिया।