सराफा व्यापारियों के समर्थन में व्यापारी संगठनों के प्रदेश बंद आह्वान का उरई में खास असर देखने को नहीं मिला। घंटाघर व उसके आसपास के क्षेत्र को छोड़कर अन्य जगहों पर दुकानें खुली रहीं। बंदी का असर तीन से चार घंटे ही रह सका। दोपहर बाद घंटाघर पर भी अधिकांश दुकानदारों ने अपनी दुकानें खोल लीं। खास बात यह रही कि इस बाजार बंदी में व्यापारी
संगठनों के बड़े पदाधिकारी नदारद रहे। इससे अन्य व्यापारियों में नाराजगी दिखी। विरोध में सराफा व्यापारियों ने वित्त मंत्री अरुण जेटली के पुतले की अर्थी भी निकाली और केंद्र सरकार के विरोध मे नारेबाजी की। केंद्र सरकार द्वारा सोने की बिक्री पर एक्साइज ड्यूटी लगाने का सराफा व्यापारी विरोध कर रहे हैं और एक माह से अधिक समय से दुकानें बंद किए
हैं। सराफा व्यापारियों के समर्थन में अन्य व्यापारी संगठनों ने प्रदेश व्यापी बाजार बंदी का आह्वान किया था। इसको सफल बनाने के लिए शहर के व्यापारी नेताआें द्वारा काफी तैयारियां भी की गई थीं। पर सोमवार को उनकी तैयारियां धरी रह गईं। बाजार बंदी केवल घंटाघर व उसके आसपास के 200 मीटर के दायरे में ही सिमटकर रह गई। इसके अलावा
अन्य जगहों पर दुकानें रोज की तरह खुली रहीं। दोपहर एक बजे के बाद घंटाघर पर भी अधिकांश दुकानें खुल गईं। खास बात यह रही कि बंदी के दौरान व्यापारी संगठनों के बड़े नेता
नजर नहीं आए। इसे लेकर चर्चा रही। इस दौरान सराफा व्यापारियों ने शहर में वित्त मंत्री के पुतले की अर्थी निकालकर विरोध जताया और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस मौके पर सराफा व्यापार संघ के अध्यक्ष श्याम किशोर गुप्ता, व्यापारी नेता अनिल बहुगुणा समेत कई व्यापारी शामिल रहे।
उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल भी हुआ शामिल
सोमवार को बाजार बंदी में उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल भी शामिल हुआ। संगठन के बुदेलखंड युवा अध्यक्ष मनोज याज्ञिक ने भी अपने पदाधिकारियों के साथ मिलकर बाजार बंद कराया। इस दौरान उन्होंने कहा कि हमारा संगठन सराफा व्यापारियों क, लड़ाई में उनके साथ है।
कदौरा में भी बंद रहीं सराफा दुकानें
सरकार द्वारा सराफा व्यवसायियों पर लगाई गई एक्साइज ड्यूटी के विरोध में नगर के सराफा व्यापारियों ने दुकानें बंद कर जुलूस निकालकर पीएम को संबोधित ज्ञापन थानाध्यक्ष को सौंपा। केेंद्र सरकार द्वारा सराफा व्यापारियों पर एक्साइज कर लगाने के विरोध में कस्बा कदौरा केे सराफा व्यापारियों ने सोमवार को अपनी दुकानें बंद रखीं। जुलूस के बाद
व्यापारियों ने पीएम को संबोधित ज्ञापन थानाध्यक्ष कदौरा रुद्रकुमार सिंह को सौंपा।अध्यक्ष मनोज कुमार ने कहा कि जब तक केेंद्र सरकर निर्णय वापस नहीं लेगी,तब तक कस्बे में कारोबारी दुकानें नहीं खोलेगे। कैलाश सोनी, ज्ञानेंद्र सिंह, कमलेश, लक्ष्मीनारायन, पवन, नरेंद्र, पुष्पेंद्र, सौरभ, सुखसागर आदि मौजूद रहे।