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पारिवारिक तनाव से ऊबकर सरोज ने उठाया था कदम

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सरावन/उरई। गोहन थाना क्षेत्र में सोमवार की सुबह डेढ़ साल के बच्चे विष्णु को गोद में लेकर उसकी मां सरोज ने खुद को आग लगा ली थी। जिससे दोनों की मौत हो गई थी। घटना के 24 घंटे से अधिक होने के बाद भी गोंडा से आए सरोज के परिजनों ने पुलिस को किसी भी तरह के आरोप प्रत्यारोप की तहरीर नहीं दी है।
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पुलिस का कहना है कि सरोज के माता पिता है नहीं, उसके मायके से मामा, फूफा और मौसी का लड़का ही आए हैं। वे भी अभी कुछ स्पष्ट बताने को तैयार नहीं है। पति लोकेंद्र भी चुप्पी साधे साधे है। इससे साफ है कि मामला पारिवारिक विवाद से तनाव का ही है। जिसके चलते सरोज ने इतना बड़ा कदम उठाया होगा। बता दें कि सोमवार की सुबह ही सरोज ने स्वयं को बच्चे के साथ कमरे में बंद करके खुद को आग लगा ली थी।
जिसमें दोनों मां बेटे की मौत हो गई थी। मंगलवार की देर शाम पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने सरोज व विष्णु के शवों का अंतिम संस्कार किया है। पुलिस का कहना है कि बुधवार की सुबह ही एक बार फिर से परिजनों को तहरीर के लिए थाने बुलाया जाएगा। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि मामला है भी घर में होने वाले रोज रोज के विवाद का ही है। सरोज भी पति के साथ राजकोट ही जाना चाहती थी लेकिन लोकेंद्र अधिक खर्च के कारण तैयार नहीं था। सरोज घर के काम और रोज रोज होने वाले विवाद से ऊब सी गई थी।
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जिसके चलते ही उसने बच्चे के साथ जान देने की ठानी। वह तो बेटी को भी अपने साथ मारना चाहती थी। अब मायके पक्ष के लोगों का पूरा प्रयास है कि बची हुई चार साल की बच्ची लक्ष्मी को उसका अधिकार मिल सके। इसके लिए मायकवाले बुधवार को गांव घर कहीं पर भी पंचायत कर सकते हैं। थाना प्रभारी विनोद पांडे का कहना है कि पुलिस को तो मायकेपक्ष के लोग जो भी तहरीर देंगे, उसी के आधार पर मामला दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
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नीरज
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