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सरकार पर कर्मचारी विरोधी रवैया अपनाने का आरोप

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-जल संस्थान कर्मचारी महासंघ की बैठक में मुख्य अतिथि रामायण पांडेय व अन्य पदाधिकारी। - फोटो : ORAI
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उरई। जल संस्थान कर्मचारी महासंघ की प्रांतीय बैठक रविवार को तुलसीधाम सभागार में हुई। इसमें सरकार पर कर्मचारी विरोधी रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर आंदोलन की रणनीति बनाई गई। तय हुआ कि 26 फरवरी को भोजन अवकाश के बाद जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया जाएगा। इसके बाद मांगें पूरी न होने पर 27 अप्रैल से चरणबद्ध तरीके से विचार किया जाएगा।
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मुख्य अतिथि महासंघ के राष्ट्रीय महासचिव रामायण पांडेय ने कहा कि विभाग में ठेकेदारी प्रथा को बढ़ावा दिया जा रहा है। रिक्त पदों पर भर्ती बंद कर दी गई है। पुराने कर्मचारी भी कई समस्याओं से जूझ रहे हैं। महंगाई भत्ता भुगतान और कैशलेस इलाज की सुविधा का लाभ नहीं दिया जा रहा है। सेवानिवृत्त कर्मचारी भी अपने देयकों के भुगतान के लिए भटक रहे हैं। सरकार का रवैया कर्मचारी हितैषी नहीं लग रहा है। ऐसे में कर्मचारियों के पास आंदोलन के अलावा कोई चारा नहीं बचता है।
महासंघ के प्रांतीय अध्यक्ष रणवीर सिंह सिसौदिया ने कहा कि नगर पालिका के जलकल कर्मचारियों को भी नगर निगमों के जलकल कर्मचारियों की तरह सुविधाएं दी जाए। कर्मचारियों की समस्याओं का जल्द निराकरण हो। अध्यक्ष नेबूलाल ने की और संचालन प्रांतीय महासचिव राजेंद्र यादव ने किया। इस दौरान ओमप्रकाश, सुरेंद्र श्रीवास्तव, नागेंद्र, विनोद, मणिभूषण, एसएन राय, देवीप्रसाद, ब्रजलाल, शरद पांडेय, शिवप्रसाद, कलीमुद्दीन, तिलक सिंह, रामप्रकाश, प्रेमनारायण, अशोक शर्मा, सुनील यादव, देवीशंकर आदि ने भी विचार रखे आभार अवधेश नारायण ने व्यक्त किया। विवेक, अरुण पांडेय, रामनाथ, संतोष, कैलाश, रविशंकर, इंद्र कुमार आदि मौजूद रहे।
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