महेबा। लॉकडाउन के दौरान जब जिले की सभी सीमाएं सील हैं तो ऐसे में कुछ ऐसे लोग हैं, जो अपने नाते रिश्तेदारों से मिलने के लिए महेबा ब्लाक से निकलने वाली यमुना नदी का सहारा ले रहे हैं। नदी के रास्ते तकरीबन 12 किमी की दूरी तय कर ग्रामीण ही नहीं कुछ शहर के लोग भी कानपुर देहात जा रहे हैं। जिससे नाविकों की कमाई भी खूब हो रही है।
बता दें कि इस समय कोरोना वायरस के चलते जिले की सीमाओं पर भी पुलिस का कड़ा पहरा है, बेवजह लोगों को हाईवे पर भी सफर नहीं करने दिया जा रहा है। जिले के कालपी क्षेत्र में यमुना नदी से जिले की सीमा शुरू होती है, जिसे लेकर पुल के पहले ही पुलिस ने बैरियर बनाया है। जहां पर आने जाने पर पूर्णता रोक है। सड़कों की सीमा को बंद देख अब लोगों ने कानपुर देहात जाने के लिए नाव का सहारा लेना शुरू कर दिया है। इससे एक ओर जहां सवारियों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं वहीं लॉकडाउन पर भी पानी फिरता नजर आ रहा है।
नाव से नदी पार करने वालों में कुछ मजदूरों का तर्क है कि सीमा पर खेत की कटाई के लिए जा रहे हैं तो कुछ सामान्य लोगों का कहना है कि पड़ोसी जिले में बीमार रिश्तेदार को देखने जा रहे हैं। एसडीएम कालपी सतीश कुमार का कहना है कि मामले की जानकारी नहीं है, फिर भी यदि ऐसा हो रहा है तो गलत है। नदी हो या हाईवे कहीं से भी सीमा पार जाने की मनाही है। मामले की तत्काल जांच कराई जाएगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी। इसके अलावा लोगों को भी किसी तरह का रिस्क नहीं लेना चाहिए।
सहारा बने ये गांव
महेबा ब्लाक के पाल सरैनी, नादई, बम्हौरा, चुर्खी न्यामतपुर, सिम्हारा, सिकन्ना के ग्रामीण और कानपुर देहात की ओर से बेहमई, खोजा, जैसलपुर, दमेलपुर गांव के लोग नदी के रास्ते नाव से आ जा रहे हैं। इसके अलावा जनपद के जिन लोगों को नदी का रास्ता पता है तो वे भी बाइकों से महेबा ब्लाक पहुंचकर पार जाने के लिए नावों का सहारा ले रहे हैं।
सवारी का 50, बाइक का 100 रुपये किराया
सड़क सीमा बंद होने से पाल सरैनी पर नदी पार करने वाले यात्रियों की संख्या भी बढ़ती जा रही है। इसको देखते हुए नाविकों ने भी अपने रेट बढ़ा दिए है। एक नाविक ने बताया कि सवारियों के 50 और बाइक का किराया 100 रुपये लग रहा है। फिलहाल नाव में सीमित संख्या ही बैठाई जा रही है, जिससे कोई हादसा न हो सके।
नाव से नदी पार करते लोग।- फोटो : ORAI