उरई। प्रदेश में जिला सहकारी बैंकों के विलय के निर्णय का चौतरफा विरोध हो रहा है। सहकारिता क्षेत्र में काम करने वाले संगठन सहकार भारती ने भी इस मुद्दे पर सरकार का विरोध करने का फैसला लिया है। विरोध को लेकर एक सितंबर को शाम 5 बजे वेब सेमिनार के माध्यम से जिला सहकारी बैंको के अध्यक्षों के साथ चर्चा कर आंदोलन की रूप रेखा तैयार की जाएगी। यह बात प्रदेश महामंत्री डा. प्रवीण सिंह जादौन ने चुर्खी रोड स्थित निरीक्षण भवन में पत्रकार वार्ता के दौरान कही।
उन्होंने बताया कि सहकारिता का ढांचा त्रिस्तरीय है, जिसमें धरातल पर प्राथमिक सहकारी साख समिति, जिला स्तर पर केंद्रीय सहकारी बैंक और राज्य स्तर पर राज्य सहकारी बैंक स्थापित हैं। इसमें जिला सहकारी बैंकों की भूमिका मुख्य है। ऐसे में सरकार ने जिला सहकारी बैंकों को खत्म कर इनका विलय प्रदेश की संस्थाओं में कर दिया है, जिससे जिले स्तर पर सिर्फ अध्यक्षों के पद समाप्त होंगे, बल्कि किसानों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। इसको लेकर सहकार भारतीय प्रदेश स्तर पर विरोध प्रदर्शन करेगी। जिसे लेकर वेब सेमिनार आयोजित किया जा रहा है। इस वेबिनार में भारतीय रिजर्व बैंक के निदेशक सतीश मराठे एवं सहकार भारती के राष्ट्रीय महामंत्री उदय जोशी मुख्य वक्ता होंगे। सेमिनार के बाद सहकार भारतीय का एक प्रतिनिधि मंडल इस विलय के विरोध में मुख्यमंत्री को ज्ञापन देगा। वार्ता में सहकार भारती केप्रदेश कार्यसमिति के सदस्य सुरजीत सिंह जिला संगठन प्रमुख सिया शरण व्यास जिला अध्यक्ष उपेंद्र सिंह राजावत, जिला महामंत्री कुंदन सिंह राठौर, जिला उपाध्यक्ष राहुल समाधिया व समर सिंह चौहान उपस्थित थे।