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वोटिंग के दौरान चला दावत का दौर

Sat, 28 Nov 2015 10:53 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, उरई
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रामपुरा विकास खंड क्षेत्र के नरौल गांव में मतदान के दौरान वोटरों को रिझाने के लिए प्रत्याशियों ने कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। चुनाव कार्यालयों पर तो दावत का दौर भी खूब चला। हालात यह रहे कि मतदाताओं की आवभगत में प्रत्याशी आगे रहे। मतदान करने के बाद मतदाताओं को पंगत में बैठाकर भोजन कराया गया। इसके बाद उन्हें घर भेजने की व्यवस्था की गई। उम्मीदवारों की इस व्यवस्था से वोटर खुश भी दिखे। ऐसी व्यवस्थाएं अधिकांश गांव में देखी गई।
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बुजुर्गों ने भी दिखाया जज्बा
जनपद में पहले चरण के मतदान में युवाओं ने जहां उत्साह के साथ मतदान किया वहीं पर बुजुर्ग मतदाताओं ने भी बढ़चढ़ कर हिस्सेदारी। यही वजह रही कि मतदान का प्रतिशत दोपहर बाद तेजी से बढ़ा। माधौगढ़ क्षेत्र के रामकिशोर का कहना है

कि वह 70 वर्ष के है लेकिन मतदान करने का जब भी कोई अवसर मिलता वह चूकते नहीं हैं। उनका कहना है कि वह सुबह ही मन बना चुके थे कि वह अपने वोट से गांव की सरकार बनाएंगे। सरावन गांव के ठकुरी प्रसाद से लेकर कई बुजुर्गों ने कहा कि मतदान हमारा अधिकार है इसलिए मतदान जरूर करें।
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पहले मतदान, फिर खेत पर काम
निर्वाचन के पहले चरण में मतदान को लेकर मतदाता गंभीर दिखे। इस समय खेतों की बुआई का और सिंचाई का समय चल रहा है, लिहाजा किसान काम के बोझ से दबा हुआ है। लेकिन शनिवार को हुए मतदान में हिस्सेदारी की। पहले मतदान फिर खेत पर काम करने के एलान के साथ मतदान किया जिससे और लोग भी जागरुक हुए। इस वजह से मतदान का प्रतिशत 70 के पार पहुंचा।
 
विलौंहा में सेक्टर मजिस्ट्रेट को करना पड़ा हस्तक्षेप
रामपुरा क्षेत्र के गांव विलौंहा में शांतिपूर्ण तरीके से मतदान की प्रक्रिया चल रही थी। इसी दौरान वहां के रिटायर कैप्टन वोट डालने पहुंचे। लेकिन वहां पर पीठासीन अधिकारी से किसी बात को लेकर बहस हो गई। बात इतनी बढ़ी कि सेक्टर मजिस्ट्रेट को हस्तक्षेप करना पड़ा और मामला शांत हो सका।

वोट डालने के बाद थमी सांसें
रामपुरा विकास खंड क्षेत्र के गांव सोनेपुरा निवासी वृद्धा की तो सांसें जैसे मतदान के लिए चल रही थीं। वह परिवारीजनों के साथ मतदान करने के लिए बूथ पर पहुंची और पसंद के प्रत्याशी को वोट दिया। इसके बाद वह बाहर निकली तो अचानक उनकी तबियत बिगड़ गई और मौके पर ही मौत हो गई। गांव सौनेपुरा में सुबह आठ बजे से मतदान शुरू हो गया था।

दोपहर के समय गांव के ही राजाराम की 70 वर्षीय पत्नी फूला रानी मतदान करने पहुंची। पसंद के उम्मीदवार को मत देने के बाद जब वह बूथ से बाहर निकली तो उनकी तबियत बिगड़ गई। कोई कुछ समझ पाता तब तक उनकी मौत हो गई।

इससे कुछ समय के लिए तो वहां पर सनसनी फैल गई। इसके  बाद परिजन शव को घर ले गए। इस दौरान वहां खड़े लोगों के मुंह से बस यही निकला कि शायद मतदान करने को ही उनकी सांसें चल रही थी।
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