उरई। होली को लेकर ट्रेनें फुल हो गई हैं। ऐसे में रोडवेज बसें ही सहारा हैं। परिवहन विभाग ने भी होली को लेकर तैयारी कर ली है। लगभग सभी रूटों पर बसों की संख्या बढ़ाने की योजना है। लंबी दूरी की बसों के फेरे बढ़ाए जाएंगे। यही नहीं होली पर रोडवेज में बढ़ने वाली भीड़ के मद्देनजर चालक परिचालक के अवकाश निरस्त कर दिए गए हैं।
होली के त्योहार को लेकर 6 से 14 फरवरी तक के लिए रोडवेज ने रणनीति बना ली है। झांसी कानपुर रूट पर अभी 8 बसें चलती है। इस रूट पर 30 बसों के संचालन की योजना है। इसके अलावा गोरखपुर रूट पर अभी दो बसें जाती है, इन्हें भी बढ़ाकर छह किया जाएगा। लखनऊ जाने वाली दो बसों की संख्या बढ़ाकर दस की जाएगी। दिल्ली रूट पर अभी 6 बसों का संचालन होता है। इसे भी बढ़ाकर 15 किया जाएगा। इसके साथ ही कर्वी, इलाहाबाद, बनारस रूट पर भी बसों के फेरे बढ़ाने की योजना है।
सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक रोडवेज केएन चौधरी बताते है कि होली पर रोडवेज प्रशासन हर हाल तैयारी करता है। इस साल भी तैयारी कर ली है। रोडवेज के बेडे़ में 93 बसें है, सभी बसों को त्योहार पर चलाया जाएगा। चालक परिचालकों को अवकाश निरस्त कर दिया गया है। साथ ही उन्हें प्रोत्साहन राशि देने की भी योजना है।
चालक-परिचालक को मिलेगी प्रोत्साहन राशि
रोडवेज में इस समय 171 चालक और 203 परिचालक है। इन चालक परिचालकों के लिए रोडवेज ने होली के दौरान प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय लिया है। इसके तहत 350 रुपये रोजाना प्रोत्साहन राशि के रुप में दिए जाने की योजना है। नियमित सात दिन तक ड्यूटी करने वाले चालक परिचालक को एकमुश्त राशि दी जाएगी।
ट्रेन यात्रियों का विकल्प बनने की तैयारी
झांसी कानपुर रेलवे ट्रैक के दोहरीकरण के दौरान सरसौखी से उसरगांव के बीच दोहरीकरण का काम चल रहा है। इसमें कई ट्रेनों का रूट डायवर्ट कर दिया गया है। पैसेंजर जैसी ट्रेनें निरस्त कर दी गई हैं। इसका असर भी पड़ रहा है। यात्रियों की भीड़ को देखते हुए रोडवेज ने झांसी कानपुर रूट पर दो से तीन बसों को बढ़ा दिया है।
भीड़ बढ़ने पर बसें भी बढ़ाई जाएगी
एआरएम केएन चौधरी बताते है कि यदि किसी रूट पर यात्रियों की संख्या बढ़ती है और किसी रूट पर संख्या कम होती है तो ऐसे में बसों का रूट भी परिवर्तित किया जा सकता है। यात्रियों की सहूलियत को ध्यान में रखकर निर्णय लिया जाएगा। स्टाफ को भी हिदायत दी गई है कि वे ज्यादा से ज्यादा यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचाएं।
एआरएम के एन चौधरी- फोटो : ORAI