फोटो संख्या-14- उरई-जालौन हाईवे पर पड़ीं दरारें। संवाद
फोटो संख्या-15- कुकरगांव के पास सड़क में गड्ढे। संवाद
फोटो संख्या-16- डिवाइडर पर गोबर और उपलों का ढेर। संवाद
150 करोड़ की सड़क में दरारें
मेंटेनेंस के नाम पर डलवा दिया गया डामर, सदर विधायक भी कर चुके हैं शिकायत
संवाद न्यूज एजेंसी
उरई/जालौन। जालौन-उरई फोरलेन हाईवे में खतरनाक दरारें पड़ गईं हैं। इन दरारों की वजह से फोरलेन हाईवे पर दो पहिया वाहन चालकों के लिए सफर जोखिम भरा हो गया है। इसको लेकर कई बार शिकायतें की जा चुकी हैं पर सुधार के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। रखरखाव के नाम पर इन दरारों में डामर डलवा दिया गया है जो धूप में पिघलकर नीचे चला गया, जिससे दरारें दोबारा उभर आईं हैं। इस मामले में सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा भी शिकायत कर चुके हैं।
उरई-जालौन हाइवे का निर्माण लगभग चार साल पहले किया गया था। 28 किमी के इस मार्ग के निर्माण में लगभग 150 करोड़ रुपये खर्च हुए थे। लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड की देखरेख में आरसीसी कंपनी ने इसका निर्माण किया था। सड़क निर्माण के दौरान मानकों का पालन नहीं किया गया। इस कारण लंबी-लंबी दरारें आ गईं हैं। सड़क निर्माण में भ्रष्टाचार के आरोप लगाकर मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत की गई। इसके अलावा सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा ने भी शिकायत की थी।
सड़क निर्माण कार्य में लंबे समय से जुड़े एक इंजीनियर ने बताया कि उरई-जालौन हाईवे के निर्माण में कई मानकों की अनदेखी की गई। उन्होंने बताया कि आईआईटी रुड़की की टीम जांच करने के लिए आई थी। उस टीम ने इस सड़क की डिजाइन में खामी बताई थी। इसके अलावा इसके नीचे काली मिट्टी की परत होने की वजह से इसमें दरारें पड़ीं हैं। सड़क बनाते समय काली मिट्टी के साथ चूना अथवा सीमेंट की परत बनानी चाहिए थी। उन्होंने बताया कि जब सड़क बनाई गई तब इस मामले की पूरी तरह से अनदेखी की गई है।
लोक निर्माण प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता विनोद कुमार राय का कहना है कि सड़क की जांच हो चुकी है। चूंकि जिले में काली मिट्टी है, उस समय इसके ट्रीटमेंट का ध्यान रखा जाना चाहिए थे। सड़क में दरारें ओवरलोड वाहनों की वजह से भी पड़ गई हैं।
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कुकरगांव के पास जानलेवा गड्ढे
उरई-जालौन हाईवे के पास कुकरगांव से पहले पड़ने वाले पुल के दोनों ओर गहरे-गहे गड्ढे हो गए हैं। इसके चलते कई बार हादसे हो जाते हैं। दो पहिया और छोटे चार पहिया वाहन चालकों को काफी परेशानी हो रही है। ये गड्ढे बहुत दिन से हैं, इस ओर न को प्रशासन का और न ही लोकनिर्माण विभाग का ध्यान है।
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डिवाइडर बना गोबर डालने का अड्डा
उरई जालौन हाईवे के डिवाइडर की हरियाली तो खत्म हो ही गई है। वहां गोबर डालने का अड्डा बना गया है। उरई से सटे बोहद पुरा, कुकरगांव में लोगों ने डिवाइडर पर ही उपले थापने शुरू कर दिए हैं। इसके अलावा लोगों ने घूरा डालना शुरू कर दिया है। इससे हाइवे पर गंदगी फैल रही है। इसके अलावा हाइवे पर विलायती बबूल भी फैल रहा है, जिसकी वजह से वाहन चालकों को काफी दिक्कत हो रही है। इन विलायती बबूल की छंटाई भी नहीं की गई है।