औद्योगिक आस्थान स्थित आरओ वाटर प्लांट का निरीक्षण करते एसडीएम
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बुंदेलखंड में पानी की दिन पर दिन बढ़ती किल्लत को देखते हुए डीएम उन संस्थानों पर सख्त हुई हैं जहां पानी की बर्बादी हो रही है। ठंडे और शुद्ध पेयजल के नाम पर घरों, दुकानों, शादी घरों में प्रदूषित पानी की सप्लाई करने वाले आरओ वाटर प्लांटों पर प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। एसडीएम गोरेलाल शुक्ला ने शुक्रवार को कोतवाली पुलिस के साथ तीन
प्लांटों पर छापेमारी की। इनमें दो में अनियमितताएं पाए जाने पर उन्होंने वैधानिक कार्रवाई करने की बात कही है। इस दौरान एक प्लांट नियम से चलता मिला लेकिन उसे भी सख्त हिदायत दी गई है। बुंदेलखंड में जल स्रोतों के लगातार सिकुड़ने से पानी के लिए मारामारी की स्थिति है। ऐसे में जिलाधिकारी संदीप कौर ने पानी की बर्बादी रोकने के आदेश दिए हैं।
आरओ वाटर प्लांटों को भी पानी की बर्बादी का वायस माना है। जिले भर में चल रहे इन प्लांटों की वैधानिकता आदि देखने के निर्देश उन्होंने उपजिलाधिकारियों को दिए हैं। शुक्रवार को एसडीएम कोंच गोरेलाल शुक्ला की अगुवाई में कोतवाल मनवीर सिंह और एसएसआई विनोद कुमार मिश्रा सहित पुलिस फोर्स ने कोंच के तीनों प्लांटों पर छापेमारी की। टीम के छापे में
औद्योगिक आस्थान स्थित देवांश इंडस्ट्रीज जहां रनधारा आरओ वाटर सप्लाई की जाती है, वैध रूप स चलता मिला। संचालक अमित निरंजन ने बताया कि तीस फीसदी पानी बेकार
चला जाता है। इसे रोकने के निर्देश देते हुए एसडीएम ने उसका डिस्पोजल गड्ढे में करने को कहा ताकि पानी जमीन के अंदर चला जाए। इसके बाद नदीगांव रोड तथा तिलक नगर में कृष्णा श्रीवास्तव के मकान में किराएदार शहजाद द्वारा संचालित होने वाले प्लांटों पर भी छापा डाला गया तो दोनों बंद मिले। इन दोनों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की बात एसडीएम ने कही है।