उरई (जालौन)। शहर में मिनरल वाटर के काले कारोबार पर प्रशासन की नजर टेढ़ी हो गई है। जिलाधिकारी संदीप कौर के निर्देश पर गुरुवार को खाद्य विभाग की टीम ने आठ आरओ प्लाटों पर छापा मारा। इसमें एक भी प्लांट के मालिकों के पास वैध कागजात नहीं मिले। इतना ही नहीं प्लाटों पर पानी की बर्बादी भी होती मिली है। इस पर फिलहाल प्लांटों को बंद रखने के निर्देश दे दिए हैं।
खाद्य सुरक्षाधिकारी राहुल शर्मा ने जिलाधिकारी संदीप कौर के निर्देश पर आरओ प्लांटों को चेक किया। सबसे पहले उनकी टीम औद्योगिक क्षेत्र में संचालित ग्लेशियर आरओ प्लांट पर पहुंची। यहां पर कोई भी अभिलेख नहीं मिला। इसके अलावा अन्य खामियों के साथ पानी की बर्बादी भी होती मिली। इस पर प्लांट के मालिक को बंद रखने के निर्देश दे दिए हैं। इसी प्रकार जिला उद्योग केंद्र के पास संचालित कंचन आरओ प्लांट, तिलक नगर में खुले एक्वाफाइन आर ओ प्लांट, स्वर्गधाम के सामने मां काली आरओ प्लांट, मौनी मंदिर के पास मां शारदा प्रोडक्ट आरओ प्लांट, कोंच बस स्टैंड उरई के पास चौधरी जयकरन सिंह आरओ प्लांट, रामनगर के स्वास्तिक, बजरिया का झमझम आरओ प्लांट चेक किया। इन प्लांटों पर एक भी वैध कागजात नहीं मिले। इतना ही नहीं प्लांट पर रिबोर की सुविधा उपलब्ध नहीं मिली। पानी अनावश्यक रूप से बहता हुआ मिला। खाद्य सुरक्षाधिकारी ने बताया कि आरओ प्लांट को बंद रखने के निर्देश दे दिए गए हैं।