उरई। नगर पालिका परिषद में बुधवार को वित्तीय अनियमितताओं की जांच करने 20 निजी ऑपरेटरों के साथ पहुंचे एसडीएम न्यायिक रिंकू सिंह राही और ईओ रामअचल कुरील तीन घंटे हाईवोल्टेज ड्रामा हुआ। ईओ ने अभिलेख देने से इन्कार कर दिया और कहा कि एसडीएम न्यायिक जांच के लिए अधिकृत अधिकारी नहीं हैं। रिंकू सिंह राही ने भी जांच से हटाने संबंधी आदेश दिखाने को लेकर अड़ गए। ईओ के जाने के बाद एसडीएम ने विभिन्न शाखाओं के अभिलेखों की फोटोग्राफी कराकर जांच शुरू कर दी।
बुधवार दोपहर करीब डेढ़ बजे निजी कंप्यूटर ऑपरेटर नगर पालिका पहुंचने लगे। इसके बाद करीब 2:10 बजे एसडीएम न्यायिक भी पहुंचे। निरीक्षण के दौरान कई शाखाओं के कमरों पर ताले लटके मिले और कई कर्मचारी भी अनुपस्थित थे। कुछ देर बाद पहुंचे ईओ से एसडीएम ने जांच संबंधी अभिलेख मांगे, लेकिन ईओ ने उनको जांच के लिए अधिकृत अधिकारी न बताते हुए रिकॉर्ड देने से मना कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार इसी दौरान दोनों अधिकारियों के बीच तीखी बहस हुई और माहौल गरमा गया। कुछ देर बाद ईओ वहां से चले गए।
इसके बाद एसडीएम न्यायिक ने जन्म-मृत्यु पंजीकरण और प्रकाश विभाग सहित विभिन्न शाखाओं के अभिलेखों का परीक्षण कराया और उनकी फोटोग्राफी कराई। पूरे घटनाक्रम के दौरान नगर पालिका परिसर में लोगों की भीड़ लगी रही। बुधवार सुबह एसडीएम न्यायिक ने अपने आधिकारिक फेसबुक पेज पर मीडिया से जांच का लाइव प्रसारण देखने की अपील की थी, जिसके बाद कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पूरे घटनाक्रम का सीधा प्रसारण होता रहा।
वर्जन
पहली प्राथमिकता अभिलेखों को सुरक्षित कराना है, ताकि जांच से छेड़छाड़ न हो सके। नगर पालिका में प्रकाश विभाग के अभिलेखों की फोटोग्राफी कराई गई है। जांच में नगर पालिका से किसी प्रकार का सहयोग नहीं मिला है।
- रिंकू सिंह राही, एसडीएम न्यायिक
वर्जन
एसडीएम न्यायिक जांच के लिए अधिकृत नहीं हैं। ऐसे में उन्हें आदेश का हवाला देकर अभिलेख देने से इन्कार किया था। वह अपनी मर्जी के मालिक हैं, जो करना चाहें, करते रहें।
- रामअचल कुरील, ईओ, नगर पालिका