फोटो - 22 अस्पताल से छुट्टी होने के बाद घर पहुंचे बच्चे। संवाद
कालपी। कोतवाली क्षेत्र के हीरापुर गांव में सोमवार शाम खेल-खेल में नौ बच्चों ने चूहा मारने वाली दवा खा ली। कुछ देर बाद बच्चों की हालत बिगड़ने लगी तो परिजनों में हड़कंप मच गया।
सभी बच्चों को तत्काल सीएचसी कालपी ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उन्हें जिला अस्पताल उरई रेफर कर दिया। देर रात हालत में सुधार होने पर सभी बच्चों को घर भेज दिया गया।
ग्रामीणों के अनुसार सोमवार शाम गांव में कुछ बच्चे घर के बाहर खेल रहे थे। इसी दौरान कूड़े के ढेर में पड़े एक पैकेट में बच्चों को चूहा मारने वाली दवा मिल गई। बच्चों ने उसे खाने की चीज समझकर आपस में बांट लिया और खा लिया। कुछ समय बाद उनकी हालत बिगड़ने लगी।
दवा खाने वालों में अशराज (3) पुत्र जगतपाल, नैंसी (5) पुत्री जगतपाल, हरिश्चंद्र (4) पुत्र सुनील, राधा (6) पुत्री राजेंद्र, पवन पाल (4) पुत्र मनीष, आरती (4) पुत्री राजेंद्र, चांदनी (4) पुत्री राजेंद्र समेत नौ बच्चे शामिल हैं।
परिजन सभी बच्चों को लेकर सीएचसी कालपी पहुंचे। ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ. आदर्श गौतम ने बच्चों की जांच कर उपचार शुरू किया।
हालत गंभीर देखते हुए सभी को जिला अस्पताल उरई रेफर किया गया। जहां उपचार के बाद देर रात सभी बच्चों की हालत में सुधार होने पर उन्हें घर भेज दिया गया। ग्रामीणों ने बताया कि फिलहाल सभी बच्चे स्वस्थ हैं।