लखनऊ में पुरानी पेंशन की मांग को लेकर शिक्षकों के आंदोलन के दौरान पुलिस लाठीचार्ज में शिक्षक रामाशीष की मौत और घायल शिक्षकों के प्रति संवेदना जताने के लिए एक आक्रोश सभा बीआरसी कनासी पर विकास खंड नदीगांव में शुक्रवार को हुई। इस दौरान शिक्षकों ने कहा कि पुरानी पेंशन की बहाली ही अब साथी को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। इस दौरान दिवंगत शिक्षक को दो मिनट का मौन धारण कर श्रद्धांजलि दी गई। सभा के दौरान आंदोलन में शामिल रहे शिक्षक अजय सिंह, संदीप पटेल, हरदेव सिंह, हरपाल सिंह यादव ने आपबीती सुनाई। साथ ही सदन से मांग की कि इंसाफ के लिए नई रणनीति तय की जाए। उपवन कुमार निरंजन ने प्रस्ताव रखा कि मृतक के परिजनों को प्रत्येक शिक्षक अपने वेतन से धनराशि सीधे विभाग द्वारा सहयोग के रूप में दे जिससे एकता के साथ समर्पण का संदेश पूरे प्रदेश में जा सके। शिक्षक हरपाल सिंह यादव ने मांग की कि प्रदेशीय संगठन को सदस्यता की धनराशि सीधे तौर पर मृतक के परिजनों को देना चाहिए। नदीगांव ब्लॉक से अध्यक्ष पद के प्रत्याशी और पूर्व अध्यक्ष कृष्णकांत वाजपेयी ने कहा कि आज माता सरस्वती की आंखों में आंसू हैं, आखिर एक मां ने बेटा खोया है। उन्होंने कहा कि शिक्षक साथी की शहादत बेकार नहीं जाएगी। शिक्षक जावेद अमहद ने कहा कि जो घटना हुई उसमें सरकार की संलिप्तता स्पष्ट दिखाई दे रही है जिसका खामियाजा भविष्य में उसे भुगतना होगा। शिक्षक नेता इंद्रपाल सिंह गुर्जर, प्रेमचंद निरंजन, वीरेंद्र सिंह चौहान ने आर्थिक इमदाद भी अपनी ओर से मृतक के परिजनों को देने की घोषणा की। शिक्षक संजय सिंघाल, श्यामसुंदर वर्मा, दिलीप तिवारी, संदीप शुक्ला, शिक्षक संघ मंत्री पद के प्रत्याशी अनुराग निरंजन ने कहा कि जोश के साथ हमें होश से काम लेना होगा तभी सफलता मिलेगी। शिक्षक अजीत यादव, कृष्णकांत बाजपेयी, अशोक बबेले, संजय सिंघाल अजय पटेल, अजय सिंह, जावेद अहमद, अजीत यादव, विवेक कुमार, संदीप शुक्ला, ओमप्रकाश, रामराजा जादौन, करणबीर, जावेद अहमद आदि मौजूद रहे।
- फोटो : अमर उजाला
लखनऊ में पुरानी पेंशन की मांग को लेकर शिक्षकों के आंदोलन के दौरान पुलिस लाठीचार्ज में शिक्षक रामाशीष की मौत और घायल शिक्षकों के प्रति संवेदना जताने के लिए एक आक्रोश सभा बीआरसी कनासी पर विकास खंड नदीगांव में शुक्रवार को हुई। इस दौरान शिक्षकों ने कहा कि पुरानी पेंशन की बहाली ही अब साथी को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। इस दौरान दिवंगत
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शिक्षक को दो मिनट का मौन धारण कर श्रद्धांजलि दी गई। सभा के दौरान आंदोलन में शामिल रहे शिक्षक अजय सिंह, संदीप पटेल, हरदेव सिंह, हरपाल सिंह यादव ने आपबीती सुनाई। साथ ही सदन से मांग की कि इंसाफ के लिए नई रणनीति तय की जाए। उपवन कुमार निरंजन ने प्रस्ताव रखा कि मृतक के परिजनों को प्रत्येक शिक्षक अपने वेतन से धनराशि सीधे
विभाग द्वारा सहयोग के रूप में दे जिससे एकता के साथ समर्पण का संदेश पूरे प्रदेश में जा सके। शिक्षक हरपाल सिंह यादव ने मांग की कि प्रदेशीय संगठन को सदस्यता की धनराशि सीधे तौर पर मृतक के परिजनों को देना चाहिए। नदीगांव ब्लॉक से अध्यक्ष पद के प्रत्याशी और पूर्व अध्यक्ष कृष्णकांत वाजपेयी ने कहा कि आज माता सरस्वती की आंखों में आंसू हैं,
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आखिर एक मां ने बेटा खोया है। उन्होंने कहा कि शिक्षक साथी की शहादत बेकार नहीं जाएगी। शिक्षक जावेद अमहद ने कहा कि जो घटना हुई उसमें सरकार की संलिप्तता स्पष्ट दिखाई दे रही है जिसका खामियाजा भविष्य में उसे भुगतना होगा। शिक्षक नेता इंद्रपाल सिंह गुर्जर, प्रेमचंद निरंजन, वीरेंद्र सिंह चौहान ने आर्थिक इमदाद भी अपनी ओर से मृतक के परिजनों को
देने की घोषणा की। शिक्षक संजय सिंघाल, श्यामसुंदर वर्मा, दिलीप तिवारी, संदीप शुक्ला, शिक्षक संघ मंत्री पद के प्रत्याशी अनुराग निरंजन ने कहा कि जोश के साथ हमें होश से काम
लेना होगा तभी सफलता मिलेगी। शिक्षक अजीत यादव, कृष्णकांत बाजपेयी, अशोक बबेले, संजय सिंघाल अजय पटेल, अजय सिंह, जावेद अहमद, अजीत यादव, विवेक कुमार, संदीप शुक्ला, ओमप्रकाश, रामराजा जादौन, करणबीर, जावेद अहमद आदि मौजूद रहे।