फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गाय को बचाने में पलटा टैंकर, लगी आग

Tue, 12 Jan 2016 11:05 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, उरई
विज्ञापन
विज्ञापन
भोपाल से कानपुर जा रहा इंडेन कंपनी का एक एलपीजी टैंकर एट के पास हाईवे पर गाय बचाने मे पलट गया। इसके साथ ही टैंकर में आग लग गई। गनीमत रही कि टैंकर फटा नहीं। जानकारी होते ही पहुंची एट पुलिस ने दमकल को जानकारी दी। इसके बाद करीब आधा दर्जन दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाना शुरू कर दिया। इस दौरान हाईवे पर
विज्ञापन


दोनों ओर गाड़ियों की आवाजाही रोक दी गई। पुलिस ने गाड़ियों को लिंक रोड से निकालना शुरू कर दिया। शाम पांच बजे तक आग पर काबू पा लिया गया। हालांकि टैंकर से लीकेज अब भी नहीं रुका था। मंगलवार की दोपहर करीब डेढ़ बजे इलाहाबाद के सुराव निवासी बुधई पाल (50) पुत्र रामकुमार भोपाल से इंडेन का एक एलपीजी टैंकर लेकर कानपुर की ओर

आ रहा था। झांसी से निकलकर जैसे ही वह एट हाईवे पर पहुचा, सामने एक गाय आ गई। इसे बचाने के चक्कर में चालक ने एकाएक टैंकर मोड़ दिया। इससे टैंकर पलट गया और उसमें आग लग गई। देखते ही देखते पूरा टैंकर और गाड़ी जलने लगी। इस दौरान बुधई पाल और एट के पास से बैठा तालिब खां पुत्र ननजीद खां निलवासी खरूसा एट भी बुरी तरह घायल
विज्ञापन


हो गया। टैंकर में आग लगने की सूचना मिलते ही मौके पर भारी संख्या में एट पुलिस पहुंच गई। यहां पुलिस ने घायलों को कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला और दमकल विभाग को सूचना दी। थोड़ी ही देर में दमकल की आधा दर्जन गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाना शुरू कर दिया। वहीं, पुलिस ने घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। देर शाम जिला अस्पताल ने दोनों घायलों बुधई पाल और तालिब खां को गंभीर स्थिति में कानपुर रेफर कर दिया।

डायवर्ट रहा ट्रैफिक
हाईवे पर आग लगने से ट्रैफिक भी प्रभावित हुआ। पुलिस ने वाहनों को लिंक रोड से निकालना शुरू किया। कुछ वाहनों को कोंच होकर निकाला गया। इस दौरान दोपहर करीब डेढ़ बजे से देर शाम तक ट्रैफिक डायवर्ट ही रखा गया। हाईवे पर गाड़ियों की लंबी कतारें देखी गईं।

शाम पांच बजे बुझी आग
दमकल विभाग और पुलिस जवान के संयुक्त प्रयास से शाम पांच बजे तक आग पर काबू पा लिया गया। हालंाकि इस दौरान टैंकर से लीकेज जारी रहा। एट पुलिस के अनुसार आग की सूचना इंडेन अधिकारियों को भी दे दी गई थी। वहां से मैकेनिक व इंजीनियरों का एक दल आग पर काबू करने में मदद करता रहा। टैंकर से एलपीजी गैस के रिसाव को रोकने के लिए देर रात तक इंजीनियर लगे रहे। 
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें