राजकीय मेडिकल कालेज उरई में हर्ष इंटर प्राइजेज ने स्वीपर, वार्ड
व्वाय, वार्ड आया व गार्ड के पद के लिए 162 लोगों को आउट सोर्स किया था।
उन्हें नौ माह से मानदेय न मिलने से एक दिसंबर से उन्होंने हड़ताल शुरू कर
दी थी। इसके चलते मेडिकल कालेज की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो गईं थीं।
इसमें जनरल वार्ड व आपरेशन रूम मेें तो ताला भी डाल दिया गया था। इसके
अलावा इमरजेंसी में नए मरीजों को भर्ती करना बंद हो गया था। मरीजों की
संख्या मेें भी पचास फीसदी की कमी आ गई थी और मरीजों केे तीमारदार भी काफी
परेशान हो रहे थे।
गुरुवार को हड़ताल के दसवेें दिन देर शाम को कर्मचारी
काम पर वापस लौट आए। उन्हें डीएम के आपातकालीन कोष से तीन माह का मानदेय
दिया गया।