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जालौन में एबीएसए के निरीक्षण में सामने आई बीहड़ के परिषदीय स्कूलों की हकीकत

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रामपुरा। लॉकडाउन के बाद से शिक्षकों ने परिषदीय विद्यालयों से मुंह मोड़ रखा है। इसका प्रमाण गुरुवार को एबीएसए सर्वेश कठेरिया के निरीक्षण में मिला। जब वह बीहड़ पट्टी के स्कूलों में पहुंचे तो वहां गंदगी के ढेर लगे मिले। किसी स्कूल के पास पानी भरा था तो कहीं शौचालय का गेट नदारद था। ग्रामीणों ने बताया कि बच्चे नहीं जाते तो शिक्षक भी स्कूलों की ओर झांकने नहीं आते हैं। माना जा रहा है कि जल्द ही बीएसए भी स्कूलों का निरीक्षण कर सकते हैं।
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ग्राम कदमपुरा व नरौल के प्राइमरी व जूनियर विद्यालयों में जगह-जगह गंदगी बिखरी मिली।
ग्रामीणों के मुताबिक कुर्सी मेज पर धूल जमा थी। स्कूल परिसर के आसपास भी गोबर की गंदगी पड़ी हुई थी। यही हाल कदमपुरा विद्यालय का था। एबीएसए भी अध्यापकों को साफ-सफाई के निर्देश देकर लौट लिए। ग्रामीणों ने बताया कि नरौल जूनियर व प्राइमरी विद्यालय का निरीक्षण किया। जिसमें जूनियर विद्यालय के शौचालय का गेट टूटा होने पर उनकी मरम्मत का निर्देश दिए। साथ ही अध्यापकों से कहा कि विद्यालय की व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखें। नियमित रूप से विद्यालय पर उपस्थित रहे।
शासन के निर्देशानुसार कभी भी शिक्षण कार्य शुरू किया जा सकता है। इस संदर्भ में एबीएसए का कहना है कि कुछ विद्यालयों में कमियां जरूर मिली है, जिन्हें दूर कराने के लिए प्रधान से भी बात की गई है। रही बात शिक्षकों के विद्यालय न पहुंचने की तो यदि कोई गैरहाजिर मिला तो उस पर कार्रवाई भी होगी।
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तेजी से चल रहा डोनेट बुक अभियान
कोंच। समाजसेवी युवा पारसमणि अग्रवाल ने बताया कि उनका डोनेट बुक अभियान तेजी से असर कर रहा है। अभियान के माध्यम से गरीब एवं जरूरतमंद बच्चों तक पुस्तकें पहुंचाने का काम किया जा रहा है। उन्होंने समाज के लोगों से मार्मिक अपील की है कि ऐसे सभी लोग जो थोड़े भी समर्थ हैं और जरूरतमंदों की कुछ मदद करना चाहते हैं वह इस मुहिम का हिस्सा बनें, अपनी पुरानी किताबों का दान करें।
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