नगरीय इलाकों के बाशिंदों की भी अजब कहानी है। पहले तो पानी की कोई
उपयोगिता नहीं समझते और जब जल मूल्य अदा करने की बारी आती है तो आनाकानी
करने लगतेे हैं। उरई, जालौन, कोंच समेत 10 नगरीय क्षेत्रों में तकरीबन आठ
करोड़ रुपये का पानी लोग डकार चुके हैं। इसमें उरई शहर सबसे आगे है, यहां
पर 12,327 कनेक्शनधारक है जिन पर चार
करोड़ से अधिक की बकायेदारी है।
विभागीय अधिकारी जल मूल्य जमा करने के लिए उपभोक्ताओं से कह रहे हैं लेकिन
वे सुन ही नहीं रहे। सरकार ने भी सरचार्ज की छूट दे दी है इसके बाद भी
उपभोक्ता बिल जमा कर योजना का लाभ लेने के लिए आगे नहीं आ रहे। इसके चलते
जल संस्थान अब आरसी जारी करने की तैयारी में है। पेयजल आपूर्ति को लेकर
जलसंस्थान के अधिकारी उपभोक्ताओं की खरीखोटी सुनते हैं। इस समय वही
उपभोक्ता बिल जमा नहीं करके अफसरों और कर्मचारियों की बातें सुन रहे हैं।
हालात यह हैं कि जिले के दस नगरीय क्षेत्रों में पानी की बकायेदारी बढ़ती
ही जा रही है। विभागीय सूत्रों की मानें तो नदीगांव को छोड़कर कोई ऐसा नगर
नहीं है जहां पर जलसंस्थान के उपभोक्ताओं पर बकाया न
हो। नगरीय इलाकों में
25245 उपभोक्ता हैं रोज पानी का इस्तेमाल तो करते हैं लेकिन इसका मूल्य
देना नहीं चाहते। समय पर पानी के मूल्य की अदायगी शायद ही कोई उपभोक्ता कर
रहा है। यही वजह है कि इस समय पानी के मूल्य की
बकायेदारी तकरीबन आठ करोड़
रुपये हो गई है। जल मूल्य की वसूली के लिए नोटिस भी जारी किए गए लेकिन कोई
फायदा नहीं हुआ है। पानी गटकने वाले पानी के बिल की अदायगी में आनाकानी कर
रहे है। यही वजह है कि जलसंस्थान की ओर से अब उपभोक्ताओं के नाम आरसी जारी
करने की तैयारी है।
सबसे अधिक बकायेदारी उरई में
जल मूल्य
की सबसे अधिक बकायेदारी उरई शहर के उपभोक्ताओं पर है। शहर में 12327
उपभोक्ता हैं जिन पर चार करोड़ 30 लाख रुपये बाकी हैं। इसी तरह जालौन में
2576 उपभोक्ताओं पर एक करोड़ 70 लाख बकाया है। कालपी में 5174 उपभोक्ता है
जो पानी का उपयोग कर रहे हैं और इन पर एक करोड़ 80 लाख रुपये की बकायेदारी
है। कोंच में 1612
उपभोक्ताओं पर विभाग को देनदारी 95 लाख रुपये की है।
कोटरा में 573 उपभोक्ता और बकायेदारी 9 लाख पांच हजार, कदौरा में 666
उपभोक्ताओं पर 9 लाख दो हजार, ऊमरी में 447 उपभोक्ताओं पर 26 लाख 13 हजार,
माधौगढ़ में 817 उपभोक्ताओं पर 16 लाख 80 हजार, रामपुरा में 1048
उपभोक्ताओं पर 14 लाख 35 हजार रुपये की बकायेदारी है।
नदीगांव की पेयजल परियोजना बंद
नदीगांव
नगर पंचायत में वर्ष 2004 में पेयजल परियोजना शुरू की गई थी। उस समय नगर
के लोगों को पानी मुफ्त में दिया। लोगों ने आश्वासन दिया था कि वह जल्द ही
कनेक्शन ले लेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ तो विभागीय अधिकारियों ने परियोजना
को बंद कर दिया। इसके बाद कुछ लोगों में जागरूकता आई और अब तक पांच कनेक्शन
हो गए हैं। अन्य लोगों को भी कनेक्शन लेने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
सरचार्ज में दी जा रही छूट
जल
मूल्य के बकायेदारों को सरकार की ओर से सहूलियत दी जा रही है। उन पर जो
बकायेदारी है उसमें सरचार्ज प्लस नहीं होगा। मतलब सरचार्ज में सौ फीसदी छूट
दी जा रही है। यह स्कीम एक फरवरी से लागू कर दी गई है और 31 मार्च तक
रहेगी। इस दौरान बिल अदा करने वालों को बड़ी राहत मिलेगी।
वर्जन
जल
मूल्य और जलकर देने में उपभोक्ताओं की ओर से गंभीरता नहीं दिखाई जा रही
है। यही वजह है कि तकरीबन आठ करोड़ की बकायेदारी नगरीय क्षेत्रों में है।
वसूली के लिए उपभोक्ताओं से कहा जा रहा है, नोटिस भी जारी कर दिए हैं। बड़े
बकायेदारों की आरसी जारी की जा रही हैै।- बीएन सिंह, अधिशासी अभियंता,
जल संस्थान