उरई। अब महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों के संचालन के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। शासन के निर्देश पर राशन कोटे के आवंटन मेें वरीयता मिलेगी। जिलाधिकारी ने पूर्ति अधिकारी को जिले में रिक्त 27 राशन दुकानों के आवंटन में समूहों को प्राथमिकता देने के लिए फरमान जारी किया है।
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए शासन स्तर से कई योजनाएं चल रही हैं। समूहों के गठन के साथ उनके संचालन की जिम्मेदारी अधिकारियों को दी गई है। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में सैकड़ों समूहों का गठन किया गया है। कोई ठोस व्यापार न होने से समूहों की आर्थिक स्थिति सुधर नहीं रही थी। समूहों के आर्थिक उत्थान को लेकर समाजसेवियों ने समूहों को राशन की दुकानों के आवंटन की पैरवी की थी। अब शासन ने समूहों को राशन की दुकानों का आवंटन करने के निर्देश दिए हैं। डीएसओ अनूप तिवारी ने बताया कि जिले में पिछले तीन माह से लगभग 27 दुकानें रिक्त हैं। डकोर ब्लाक को छोड़कर सभी ब्लाकों में दो से तीन दुकानें रिक्त हैं। राशन दुकानों के आवंटन में समूहों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं। 15 दुकानों के प्रस्ताव आ चुके हैं। छह दुकानों के आवंटन की तिथि लगी हुई है। बाकी के लिए प्रस्ताव मांगे जा रहे हैं। आवंटन में समूहों को वरीयता दी जाएगी।