उरई। यौन उत्पीड़न के आरोपी भाजपा नेता रहे राम बिहारी पर पुलिस अपना शिकंजा कस ही रही है, वहीं संगठन के बड़े नेता भी उसके कृत्य से खासे खिन्न हैं। लिहाजा अब पता किया जा रहा है कि आखिर वह नगर का कौन सा प्रभावशाली भाजपाई है, जिसने रामबिहारी की लेखपाल के पद से सेवानिवृत्त होते ही भाजपा इंट्री कराई थी। जिलाध्यक्ष रामेंद्र सिंह का कहना है कि पार्टी अपने स्तर से हर बिंदु पर जांच कराएगी। किसी भी दागी या दागियों को पार्टी से जोड़ने का काम करने वाले को बख्शा नहीं जाएगा। इधर, रामबिहारी के पार्टी में सक्रिय सदस्य होने पर भी सवालिया निशान उठने लगे हैं।
बता दें कि जिस दिन से पार्टी के कोंच नगर उपाध्यक्ष रहे राम बिहारी पर यौन उत्पीडन का मामला दर्ज हुआ है, तब से कोंच समेत पूरे जिले की भाजपा में भूचाल सी स्थिति बनी हुई है। जिला संगठन से जुड़े बड़े नेता और जनप्रतिनिधि भी स्तब्ध हैं। सभी का कहना है कि गलत लोगों की इंट्री पार्टी में कैसे हो गई और फिर नगर के संगठन में शामिल किया जाना समझ से परे है। लिहाजा इसका पता तो लगाया ही जाना चाहिए कि रामबिहारी को संगठन से जोड़ने वाला कौन है? बताया जाता है कि सेवानिवृत्ति के बाद 2017 से ही रामबिहारी पार्टी से जुड़ा और तीन साल के भीतर ही संगठन के नगर उपाध्यक्ष पद तक पहुंच गया। इधर, पार्टी नेताओं ने उसकी सक्रिय सदस्यता पर भी सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। कोंच के पार्टी नेताओं का कहना है कि इसकी जांच होनी चाहिए कि रामबिहारी सक्रिय सदस्य है कि नहीं। इस बारे में पार्टी जिलाध्यक्ष का कहना है कि फिलहाल उन्हें सदस्यता के बारे में जानकारी नहीं है, लेकिन इस बिंदु को भी जांच में शामिल किया जाएगा।