नगर में 164 साल पुरानी रामलीला का शुभारंभ सोमवार को राम प्राकट्योत्सव के साथ हो गया। दोपहर एक बजे नगर के दर्जन भर विद्वान पंडितों द्वारा वैदिक रीति से अनुष्ठान कराकर राम का अनुजों भरत, लक्ष्मण व रिपुदमन सहित अवतरण कराया गया। बैंड बाजों के बीच जैसे ही भगवान का प्राकट्य हुआ, गोले दागे जाने लगे। श्री धर्मादा रक्षिणी सभा द्वारा संचालित
कोंच की ऐतिहासिक रामलीला का 164वां महोत्सव सोमवार को भगवान राम के प्राकट्य के साथ शुरू हो गया। मानिक चौक स्थित श्री रामलीला भवन पर दोपहर रंगमंच आचार्य पं. ज्वालाप्रसाद दीक्षित के प्रधान आचार्यत्व में पंडितों रमेश पटैरया, लल्लूराम मिश्रा, राजाराम सौनकिया, रामसिया आचार्य, नवनीत मिश्रा शास्त्री, संजय रावत, संतोष त्रिपाठी, राजेश
दीक्षित, रूपेश तिवारी, मुकेश तिवारी, राघवराम शास्त्री, अनुज तिवारी, कमलेश दुवे, पुजारी नृसिंह मंदिर व मुकेश तिवारी ने समवेत रूप से वैदिक अनुष्ठान कराए। यजमान अतुल कुमार चतुर्वेदी रहे। रामलीला समिति के अध्यक्ष सुधीर सोनी, मंत्री सीताशरण पंचम पटेल ने भी आहुतियां दीं। इसके बाद सभी मूर्तियों को झूले में विराजमान कर उनकी आरती सभा के
अध्यक्ष केशव बबेले, मंत्री राकेश अग्रवाल, पुरुषोत्तमदास रिछारिया, संजय सोनी, रमेश तिवारी, मिरकू महाराज, हरिश्चंद्र तिवारी, नरोत्तम स्वर्णकार, राजू गुप्ता, कल्लू यादव, पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष मूलचंद्र निरंजन, प्रदीप गुप्ता, अमित उपाध्याय, सुनीलकांत तिवारी आदि के द्वारा उतारी गई। रामावतरण की शुभ सूचना गोले दाग कर नगरवासियों को दी गई। इस दौरान
चंद्रशेखर नगाइच, संतोषकुमार तिवारी, रामसहाय सेठ, मुन्नालाल लोहेबाले, रामकुमार अग्रवाल, नवनीत गुप्ता, पवन अग्रवाल, मुन्नालाल चौधरी, अभिषेक रिछारिया, लालसिंह यादव, शीलू चाचा, अजय गोयल, मिथलेश गुप्ता, शंकरलाल ढेरीबालेे, सूर्यदीप सोनी, मृदुल दांतरे, आशुतोष रावत सहित तमाम लोग उपस्थित रहे।