उरई। आर्थिक तंगी से जूझ रहे किसानों की मुसीबत कम होने का नाम नहीं ले रही है। हाल ही में बाढ़, ओलावृष्टि व अत्यधिक बारिश की वजह से किसानों की फसल पूर्णता नष्ट हुई थी, किसान इन दैवीय आपदाओं से अभी बाहर भी नहीं निकल पाए थे कि अब नहर व रजबहे ओवरफ्लो होकर किसानों की फसलों को नष्ट कर रहे हैं।
ज्ञात हो कि शनिवार को आटा क्षेत्र में रजबहा फटने से क्षेत्र के दो दर्जन से अधिक किसानों की 100 बीघा से अधिक की फसल नष्ट हुई थी वहीं दूसरे दिन भी यह सिलसिला जारी रहा। रविवार को भी कुठौंद व कदौरा क्षेत्र में रजबहों के ओवरफ्लो होने से किसानों की सैकड़ों बीघा की गेहूं व मटर की फसल नष्ट हो गई। क्षेत्र में दो दिन से हो रहे रजबहों के ओवरफ्लो होने से किसानों की सैकड़ों एकड़ फसल बर्बाद हो गई है, इससे किसानों में आक्रोश व्याप्त है। किसानों का कहना है कि जिम्मेंदारों की अनदेखी से फसलों का नुकसान हुआ है। वह सोमवार को जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर मुआवजे की मांग के साथ जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करेंगे।
कुठौंद में 30 एकड़ की फसल जलमग्न
कुठौंद। कस्बे में सिंचाई के लिए बना रजबहा अब किसानों के लिए मुसीबत का सबब बना हुआ है। शनिवार देर रात कुठौंद रजबहा में पानी ओवरफ्लो होने से इस क्षेत्र के किसानों की करीब 30 एकड़ की मटर व गेहूं की फसल जलमग्न हो गई। इससे किसानों में आक्रोश व्याप्त है। किसानों का आरोप है कि एक तो किसान वैसे ही दैवी आपदा से परेशान है ऐसे में प्रशासनिक अधिकारियों की अनदेखी से किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। शनिवार देर रात रजबहा ओवरफ्लो होने से किसान राकेश दो एकड़, मुन्नी तीन एकड़, बालिस्टर चार एकड़, राम चार एकड़, सुरेश की दो एकड़, अनिल चौहान की पांच एकड़, कुलदीप सेंगर की पांच एकड़, समरथ की तीन एकड़ और गुड्डू की दो एकड़ की फसल पूर्णता जलमग्न हो गई। किसानों ने मुआवजे की मांग की है।
35 बीघा गेहूं और मटर की फसल नष्ट
कदौरा। कस्बे में रजबहा का पानी खेतों में घुसने से आधा दर्जन किसानों की 35 बीघा गेहूं मटर की फसल जलमग्न हो गई। इससे किसानों में आक्रोश व्याप्त है। किसान का कहना है कि अब परिवार का भरण पोषण कैसे होगा। शनिवार रात ब्लाक क्षेत्र के ग्राम नाका मौजा स्थित रजबहे में ओवरफ्लो होने से कस्बे के निवासी राजेश की पांच बीघा, सुरेश की छब बीघा, अखिलेश की चार बीघा की मटर तो रमेश की आठ बीघा, दीपेश की 12 बीघा की गेहूं की फसल पूर्णता नष्ट हो गई। खेत में पानी भरने से पूरी फसल जलमग्न हो गई। किसानों का आरोप है कि हम लोगों की खेती नाका मौजे में है और वह रात में खेत पर रात रात भर जाग के अपने फसलों की रखवाली कर रहे हैं और प्रशासनिक अधिकारियों की अनदेखी से फसलें जलमग्न हो गईं।
पंपिंग सेट से निकाला खेतों का पानी
कदौरा में जैसे ही सुबह किसानों को खेतों में पानी भरने की जानकारी हुई, वैसे ही किसान फसलों को बचाने में जुट गए। कुछ किसानों ने अपने खेतों से पंपिंग सेट की मदद से पानी को बाहर निकलवाया। किसानों का कहना है कि इससे उनका काफी खर्च हुआ है।
कदौरा मैं किसान खेत से पानी निकलता- फोटो : ORAI