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रेलवे की आय में गिरावट, यात्री भी परेशान

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रेलवे स्टेशन पर कैंटीन बंद पड़ी - फोटो : ORAI
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उरई। पिछले एक महीने से झांसी कानपुर रेलवे ट्रैक के दोहरीकरण के काम के चलते ट्रेनों का निरस्तीकरण और रूट डायवर्जन यात्रियों के लिए परेशानी का सबब बना है। इसके चलते यात्रियों को असुविधा हो रही है, साथ ही रेलवे की आय में भी कमी दर्ज की गई है। इसके साथ ही स्टेशन परिसर में लगी दुकान के संचालकों को भी नुकसान पड़ रहा है।
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बता दें कि झांसी कानपुर रेलवे ट्रैक पर अप और डाउन में रोजाना 31-31 ट्रेनों का संचालन होता है। लगभग एक दर्जन से अधिक मालगाड़ी भी इस रूट से निकलती है। यह मुंबई जाने वाला मुख्य ट्रैक है। 5 दिसंबर से इस ट्रैक के भीमसेन से गोविंदपुरी और पारीछा, चिरगांव, नंदखास में ट्रैक दोहरीकरण और नान इंटरलाकिंग का काम होने के कारण दिन की अधिकांश ट्रेनों को या तो निरस्त कर दिया गया है या फिर उनका रूट डायवर्ट कर दिया गया है। झांसी से लखनऊ जाने वाली इस ट्रैक की लाइफ लाइन मानी जाने वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस को तो आए दिन निरस्त कर दिया जाता है।
कई साप्ताहिक ट्रेनों को झांसी से ग्वालियर, ऊद भिंड के रास्ते कानपुर लाया जा रहा है। जबकि कानपुर से इटावा, ऊद, ग्वालियर के रास्ते ट्रेनों को गुजारा जा रहा है। इससे यात्री ट्रेनों के लिए घंटों बैठे रहते है। बुकिंग पर तैनात कर्मचारियों ने बताया कि नियमित 3500 से 4000 टिकट तक रोजाना बिकते थे। जबकि अब एक हजार से डेढ़ हजार ही टिकट बिक रहे है। वहीं रिजर्वेशन में भी रोजाना 200 से ढाई सौ तक होते थे। अब बमुश्किल सौ तक पहुंच रही है। सीसीआई अनूप सक्सेना का कहना है कि यही स्थिति रही तो जनवरी में रेलवे की आय में और ज्यादा गिरावट दर्ज होने की संभावना है। पीआरओ मनोज कुमार सिंह का कहना है कि फिलहाल 12 जनवरी तक ट्रेनों का निरस्तीकरण किया गया है। इसके बाद आगे निर्णय लिया जाएगा।
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इन ट्रेनों का हो रहा है नियमित संचालन
गोरखपुर से मुंबई संत कबीर नगर एक्सप्रेस-12541-42
झांसी से कानपुर जाने वाली पैसेंजर-51803-04
मुंबई से गोरखपुर जाने वाली कुशीनगर एक्सप्रेस-11015-16
लखनऊ से मुंबई जाने वाली पुष्पक एक्सप्रेस-12533-34
बनारस से अहमदाबाद जाने वाली साबरमती एक्सप्रेस सातों दिन
इस तरह पड़ रहा आय पर असर
माह नवंबर दिसंबर
यात्री 76000 48000
आय 1.20 करोड़ 85 लाख
आरक्षण 9400 7400
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कैंटीनों की आय में भी हुई गिरावट
दोहरीकरण के साथ-साथ कोहरे के चलते भी ट्रेनें लेट आती हैं। जिसकी वजह से स्टेशन पर लगी खानपान की कैंटीनों की आय में भी गिरावट दर्ज की गई है। स्टेशन पर चार कैंटीनों का संचालन हो रहा है। हालत यह है कि सुबह ट्रेन निकल जाने के बाद कई घंटों तक ट्रेनें नहीं आती हैं। ऐसे में कैंटीन संचालक कैंटीनों को बंद कर देते हैं। यह सिलसिला कई दिनों से चल रहा है। इससे कैंटीन संचालक और उनकी दुकान पर काम करने वाले कर्मचारी भी परेशान है।
रोडवेज की आय में हुआ इजाफा
झांसी-कानपुर रूट की ट्रेनों के निरस्त होने के कारण रोडवेज की आय में इजाफा हुआ है। रोडवेज की नियमित आय में एक लाख रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। रोडवेज के एआरएम केएन चौधरी का कहना है कि झांसी कानपुर रूट पर यात्रियों की संख्या बढ़ी है। यात्रियों की संख्या देखकर बसों के फेरे भी बढ़ाए गए है।
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