आरपीएफ थाने में वार्ता करते आरपीएफ के सहायक सुरक्षा आयुक्त संजय कुमार
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उरई। सहायक सुरक्षा आयुक्त आरपीएफ झांसी मंडल संजय कुमार सिंह ने रविवार को उरई आरपीएफ थाने का निरीक्षण किया। उन्होंने अभिलेख देखे और लंबित मामलों की समीक्षा की। उन्होंने लंबित मामलों के जल्द निस्तारण के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने आरपीएफ जवानों से भी पूछताछ की।
आरपीएफ थाने में आयोजित पत्रकारों वार्ता में सहायक सुरक्षा आयुक्त ने कहा कि आरपीएफ जवानों को बाडी कैमरे दिए जाएंगे। इसमें आरपीएफ जवानों की सारी गतिविधियां कैद रहेगी और उनकी लोकेशन भी ट्रैस हो सकेगी। यह योजना कई रेलवे डिवीजन में लागू कर दी गई है। झांसी, उरई समेत मंडल के सभी स्टेशनों पर भी इसे जल्द लागू करने की योजना है।
उन्होंने स्वीकारा कि समर स्पेशल ट्रेनों में ठीक से गश्त नहीं हो पा रही है। इसका कारण स्टाफ की कमी है। उन्होंने झांसी कानपुर रेलवे ट्रैक के किनारे मवेशियों को आने की घटनाओं के बाबत कहा कि रेलवे इसे लेकर संजीदा है। ट्रैक के किनारे बसे ग्रामीणों को जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गोशालाओं की सूची भी मांगी गई है ताकि वहां के संचालकों के साथ समन्वय स्थापित कर अन्ना मवेशियों को गोशालाओं में रखा जा सके। उन्होंने कहा कि ट्रेन में होने वाली चोरियों और अपराधों को रोकने के लिए मंडल स्तर पर एक अलग टीम गठित की गई है। कानपुर सेंट्रल से भीमसेन के बीच होने वाली छिनैती की घटनाओं की रोकथाम के लिए आरपीएफ, जीआरपी और आरपीएसएफ के जवानों की टीम बनाई गई है। इस दौरान आरपीएफ इंस्पेक्टर एमके गुप्ता, पुखराया चौकी इंचार्ज विक्टर लाकरा, मोंठ चौकी इंचार्ज आरपी मीना आदि मौजूद रहे।