सब ठीक ठाक रहा तो वर्ष 2017 की शुरूआत में ही कालपी के यमुना नदी पर 144 करोड़ की लागत से 762 मीटर लंबा रेलवे पुल बनकर तैयार हो जाएगा। रेल विकास लिमिटेड के सहायक प्रबंधक मनमोहन अग्रवाल ने निर्माणाधीन पुल का निरीक्षण करके गुणवत्ता का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने इंजीनियरों को आवश्यक निर्देश दिए।
झांसी कानपुर रेलवे ट्रैक मेें दोहरीकरण होने के कार्य की वजह से कालपी में यमुना नदी में नया ब्रिज का काम तेजी से चल रहा है। रेल विकास निगम लिमिटेड के प्रोजेक्ट कंसलेटर मैनेजर मशूद अली के अनुसार अभी तक पुल के निर्माण में 51 करोड़ रुपये से अधिक धनराशि खर्च की जा चुकी है। निर्माण कार्य में मानक का ख्याल रखा जा रहा है।
पुल के निर्माण की ठेकेदार कंपनी जीपीटी इंफ्रा प्रोजेक्ट लिमिटेड कोलकाता का दायित्व सौंपा गया है। कंपनी के पीजीएम प्रोजेक्ट दीनदयाल अग्रवाल व सहायक मैनेजर प्रोजेक्ट विनोद सिंह के अनुसार यमुना नदी के पुल को फाउंडेशन का 70 फीसदी से अधिक काम निपट चुका है। उन्होंने कहा कि 25 एक्सल लोड के हिसाब से निर्माण कार्य मजबूती से चल रहा है।
ब्रिटिश काल में निर्मित पुराना पुल अभी भी मानक के अनुसार फिट है। एक लाइन की ट्रेनें पुराने पुल से निकली है और दूसरे साइड की रेल नए पुल से गुजरेगी। दिलचस्प बात यह है कि ब्रिटिश काल केे पुल में जहां ईंट का प्रयोग हुआ है, वहीं नए पुल में सीमेेंट, स्टील व क्राकीट का प्रयोग हो रहा है। इंजीनियर विनोद सिंह के अनुसार डीएफसी के हिसाब से बुनियाद बनाई जा रही है।
निर्माणाधीन पुल की गुणवत्ता को परखने के लिए समय-समय पर रेल मंत्रालय के अफसरोें का औचक निरीक्षण किया जाता है। बीते सप्ताह डीआरएम झांसी संतोष अग्रवाल ने निरीक्षण किया था। वहीं शुक्रवार को रेल विकास निगम लिमिटेड कानपुर के सहायक प्रबंधक मनमोहन अग्रवाल ने पुल का जायजा लिया।