कदौरा। कस्बे में नशीली दवाओं की बिक्री की सूचना पर शुक्रवार को ड्रग इंस्पेक्टर, नायब तहसीलदार ने पुलिस के साथ छापा मारा। इस दौरान दो सगे भाइयों के मेडिकल स्टोर और उनके आवास की तलाशी ली गई, लेकिन कोई नशीली दवा बरामद नहीं हुई। हालांकि, लाइसेंस न होने के कारण एक मेडिकल स्टोर को सीज कर दिया गया। कई दुकानदार अपनी दुकानें बंद कर भाग खड़े हुए।
ड्रग इंस्पेक्टर देवयानी दुबे, नायब तहसीलदार तारा शुक्ला ने पुलिस टीम के साथ सबसे पहले रामजानकी मंदिर स्थित सुशील मेडिकल स्टोर पर छापा मारा। टीम ने करीब एक घंटे तक मेडिकल स्टोर की बारीकी से तलाशी ली, लेकिन वहां कोई नशीली दवा नहीं मिली। इसके बाद टीम ने सुशील के आवास पर पहुंचकर तलाशी ली।
आवास में भी कोई संदिग्ध दवा न मिलने पर टीम बस स्टॉप स्थित सुशील के भाई मंटू की दुकान पहुंची। यहां भी करीब दो घंटे की छानबीन की गई, लेकिन कोई प्रतिबंधित दवा नहीं मिली। ड्रग इंस्पेक्टर ने दुकान संचालक मंटू से लाइसेंस मांगा तो उसने बताया कि लाइसेंस नवीनीकरण के लिए आवेदन किया है। इसके बाद टीम ने दुकान सील कर दी। ड्रग इंस्पेक्टर ने बताया कि नशीली दवाओं की बिक्री की सूचना पर मेडिकल स्टोर और उनके आवास पर छापेमारी की गई, लेकिन कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला।