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Jalaun News: मेलों में बच्चों की पहली पसंद बना रैबिट इयर कैप

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फोटो-18-मेले में सजे कैप।
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उरई। शहर में लगे तीन प्रमुख मेलों में इस बार बच्चों की खुशी और उत्साह देखते ही बन रहा है। मेलों में सबसे ज्यादा रैबिट इयर कैप आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। रंग-बिरंगी और मुलायम इन टोपियों ने बच्चों के साथ-साथ बड़ों का भी ध्यान खींचा है। मेले में हर तरफ बच्चों के सिर पर खरगोश जैसे हिलते कान नजर आ रहे हैं जो मेले की रौनक को दोगुना कर रहे हैं।
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शहर में रामेश्वर चौराहा के पास दो व मच्छर चौराहा के पास एक मेला लगा है। इन मेलों में बिक्री के लिए आई रैबिट इयर कैप की सबसे खास बात इनका अनोखा डिजाइन और तकनीक है। टोपी के दोनों ओर नीचे लटकी बद्दी को दबाते ही टोपी पर लगे रैबिट जैसे कान ऊपर उठते और फिर नीचे गिरने लगते हैं। यह मजेदार अंदाज बच्चों को खूब भा रहा है।
बच्चे इन्हें पहनकर न सिर्फ मेले में घूम रहे हैं, बल्कि दोस्तों को दिखाते और फोटो-वीडियो भी बनवाते नजर आ रहे हैं। इस कैप की कीमत भले ही 250 से 300 रुपये तक है, लेकिन इसके बावजूद इनकी मांग लगातार बनी हुई है। अभिभावक बच्चों की खुशी के आगे कीमत को नजरअंदाज कर रहे हैं।
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अभिभावक वैसे भी बच्चों को कैप पहनाने के लिए परेशान रहते हैं। बच्चे बार-बार कैप उतारकर रख देते हैं। इसलिए भी अभिभावक बच्चों को यह कैप दिला रहे हैं, ताकि खेल के चक्कर में बच्चे का सर्दी से बचाव भी होता रहे।

यह बोले बच्चे व अभिभावक
- उमरैन निवासी पांच साल की अंशिका रैबिट इयर कैप खरीदकर खुश हैं। वह स्कूल के साथ ही ट्यूशन भी इसे पहनकर जा रही हैं। उन्हें इस कैप में छिपा खिलौना बहुत पसंद आ रहा है। इसके वीडियो भी बनवा रही हैं।
- शांति नगर निवासी स्नेहलता का कहना है कि उनकी नातिन प्रिशा कैप बार-बार उतारकर रख देती है, जिससे वह परेशान रहती हैं। मेले में प्रिशा ने इसे खिलौना समझकर लेने की जिद की तो खरीद दिया। अब वह खेल के चक्कर में कैप लगाए है। इससे सर्दी से बचत हो रही है।

फोटो-18-मेले में सजे कैप।

फोटो-18-मेले में सजे कैप।

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