नगर में सुबह से ही भाई दूज पर्व की रौनक रही। घर-घर बहनों ने अपने भाई की दीर्घायु की कामना के साथ उन्हें रक्षा तिलक लगाया। बहनों ने भाइयों के माथे पर तिलक कर उनके दीर्घायु की कामना की। वहीं भाइयों ने अपनी बहनों को उपहार भेंट कर रक्षा का वचन दिया।
महिलाओं ने घर के मुख्य दरवाजे पर दौज महारानी की पूजा की। इसके अलावा व्यापारियों ने व्यापारिक प्रतिष्ठानों में दूूज पूजा की। वहीं दूज पूजन के बाद ही व्यापारिक प्रतिष्ठान खुल गए और बसों आदि वाहनों का संचालन भी शुरू हो गया।
कोंच में दीपावली का पांचवां और अंतिम चरण भैया दूज शुक्रवार को हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर महिलाओं ने घरों के बाहर दौज महारानी की पूजा की, व्यापारिक प्रतिष्ठानों में दौज की पूजा के साथ ही व्यवसायिक कार्य प्रारंभ हो गए। बहनों ने भाइयों के माथे पर तिलक कर लम्बी आयु की कामना की और भाइयों ने रक्षा का वचन दिया।
महिलाओं ने घरों के दरवाजों पर गोबर से दौज महारानी बनाईं और घर की अन्य महिला सदस्यों, बहुओं, बेटियों के साथ मिल कर दौज महारानी की पूजा की। खास बात यह है कि पुरुषों के लिए यह पूजा देखना और इसकी कहानी सुनना वर्जित है।
भैया दूज पर बहनों ने भाइयों के माथे पर तिलक कर उनका मुंह मीठा कराया और उनकी दीर्घायु की कामना की, भाइयों ने भी उन्हें उपहार देकर उनकी रक्षा करने का वचन दिया।