जालौन। नगर के फौजी पड़ाव की भूमि पर प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले ऐतिहासिक श्रीबाराहीं देवी मेला एवं विकास प्रदर्शनी के आयोजन के लिए भारतीय रक्षा संपदा विभाग की अनुमति मिल गई है। अब जनवरी के तीसरे सप्ताह से मेला का विधिवत शुभारंभ होगा।
कुछ दिन पूर्व तक नगर के ऐतिहासिक श्रीबाराहीं देवी मेला एवं विकास प्रदर्शनी के आयोजन पर संकट के बादल मंडरा रहे थे। क्योंकि फौजी पड़ाव की जिस भूमि पर ऐतिहासिक मेला का आयोजन किया जाता है उस स्थान पर मेले के आयोजन की अनुमति को लेकर असमंजस बना हुआ था। वैसे तो मेला दिसंबर के अंत तक शुरू हो जाता था। लेकिन फौजी पड़ाव की भूमि पर मेले के आयोजन को लेकर भारतीय रक्षा संपदा विभाग और नगरपालिका के बीच किराए को लेकर मतभेद हो गया था। पालिकाध्यक्ष गिरीश गुप्ता एवं ईओ डीडी सिंह ने बताया कि किराए के मतभेद को सुलझा लिया गया है। अब इसी स्थान पर जनवरी के तीसरे सप्ताह से मेले का विधिवत शुभारंभ होगा। मेला एवं विकास प्रदर्शनी के संचालन के लिए नगरपालिका की बोर्ड बैठक में सात सदस्यीय टीम का चयन किया गया है। इसमें सभासद मिथिलेश भदौरिया को मेला अध्यक्ष, सरबर अली को महामंत्री, प्रधान लिपिक सुश्री रविंदर सलूजा, सभासद विजय वर्मा, अनीता, राबिया समेत पांच सभासदों को सदस्य बनाया गया है। मेलाधिकारी चंदन सिंह यादव ने बताया कि गंगा जमुनी तहजीब की मिसाल मेला एवं विकास प्रदर्शनी को इस बार आकर्षक बनाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी जाएगी। मेला का उद्घाटन गणतंत्र दिवस के पूर्व कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।
बता दें कि यह मेला इस मायने में भी ऐतिहासिक है कि इसी परिसर में एक ओर जहां श्रीबाराहीं देवी का मंदिर स्थित है तो वहीं, बगल में ही मजार भी स्थित है। श्रीबाराहीं देवी के पूजन के साथ ही मजार पर भी चादर चढ़ाई जाती है। इस दौरान सोमिल याज्ञिक, नरसिंह यादव, सरबर अली, आलोक भदौरिया, नफीस, इकबाल, नईम आदि रहे।