उरई। महिला अस्पताल आने वाली गर्भवती को पैथोलॉजी जांच के लिए 24 सीढि़यां चढ़नी पड़ती हैं। करीब तीन घंटे इंतजार करने के बाद उनकी जांच हो पाती है। पैथोलॉजी जांच कराने के लिए सीढि़यां चढ़कर पैथोलॉजी कक्ष में जाने के लिए गर्भवती महिलाओं को सबसे ज्यादा दिक्कत होती है। हाई रिस्क प्रेगनेंसी (एचआरपी) की श्रेणी में आने के बाद भी उनके साथ लापरवाही बरती जा रही है।
जिला महिला अस्पताल में रोजाना करीब 450 महिलाएं इलाज के लिए पहुंचती हैं। इनमें करीब 150 महिलाओं को डॉक्टर पैथोलॉजी जांच की सलाह देते हैं। इन महिलाओं को पैथोलॉजी जांच के लिए अस्पताल के प्रथम तल स्थित पैथोलॉजी कक्ष में पहुंचने के लिए सीढि़यां चढ़नी पड़ती हैं। जांच के लिए बैठी महिलाओं का कहना है कि पहले चिकित्सक के कक्ष में लाइन लगाई। इसके बाद सीढि़यां चढ़कर जांच के लिए पहुंचे।
पहले डॉक्टर के पास लाइन लगाई, फिर सीढि़यां चढ़नी पड़ीं
फोटो-23-लक्ष्मी। संवाद
आटा क्षेत्र के भदरेखी से आई लक्ष्मी ने बताया कि वह सुबह 10 बजे अस्पताल आ गई थीं। डॉक्टर को दिखाने के बाद उन्होंने जांच के लिए सलाह दी। सीढि़यां चढ़कर पैथोलॉजी पहुंचे। करीब दो घंटे के इंतजार के बाद भी रिपोर्ट नहीं मिली है। गर्भवती की जांच की व्यवस्था नीचे होनी चाहिए।
नीचे होना चाहिए कलेक्शन सेंटर
फोटो-24-काजल। संवाद
डकोर ब्लॉक के नुनसाई की काजल ने बताया कि चिकित्सक को दिखाने के लिए लाइन में लगी थीं। फिर सीढि़यां चढ़कर ऊपर पहुंचे। सुबह 11 बजे से पैथोलॉजी जांच के लिए बैठी रहीं। दो घंटे बाद तक रिपोर्ट नहीं मिली। कहा गर्भवती के ब्लड कलेक्शन की व्यवस्था नीचे होनी चाहिए।
कई बार दे चुके नीचे जांच सेंटर के निर्देश
महिला अस्पताल की जांच को पहुंचने वाले अधिकारी और कायाकल्प की टीम कई बार पैथोलॉजी जांच के लिए जांच सेंटर नीचे खोलने की सलाह दे चुके हैं। हालांकि अभी तक इस पर अमल नहीं हो पाया है। इसकी वजह से गर्भवती परेशान होती हैं।
वर्जन
महिला अस्पताल में जगह की समस्या है। महिलाओं को जांच के लिए सीढि़यां चढ़ने में परेशानी होती है। इस समस्या से निजात के लिए वह भूतल पर गर्भवती की जांच के लिए कलेक्शन सेंटर शुरू कराने की योजना है। भूतल पर प्रसव पूर्व जांच के लिए एक कक्ष निर्धारित कर दिया है। अब पैथोलॉजी जांच के लिए रजिस्ट्रेशन और ब्लड कलेक्शन सेंटर खोलने की योजना बना रही है। इसके लिए जगह चिह्नित की जा रही है।
- डॉ. सुनीता बनौधा, सीएमएस, महिला अस्पताल, उरई