उरई। मेडिकल कॉलेज में प्रसव के बाद प्रसूता की मौत हो गई। परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। उनका कहना है कि डॉक्टरों की लापरवाही से प्रसूता की मौत हुई है। हालांकि परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इन्कार कर दिया। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य ने जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की है।
कालपी कोतवाली क्षेत्र के कागजीपुरा निवासी पुष्पेंद्र सिंह की पत्नी नैंसी (28) को मंगलवार को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन उसे मेडिकल कॉलेज लाए थे। चिकित्सकों ने सीजेरियन ऑपरेशन कर प्रसव कराया, जिसमें उसने एक बेटी को जन्म दिया। परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के कुछ घंटों बाद ही बुधवार तड़के नैंसी की हालत बिगड़ने लगी, लेकिन समय पर समुचित इलाज नहीं मिला। उनका कहना है कि यदि हालत बिगड़ने पर डॉक्टर समय रहते रेफर कर देते, तो शायद उसकी जान बच सकती थी।
मौत की सूचना मिलते ही परिजन आक्रोशित हो गए और अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू कर दिया। हालांकि बाद में मामला शांत हो गया। परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं। प्राचार्य डॉ. अरविंद त्रिवेदी ने बताया कि पूरे प्रकरण की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित कर दी गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।