रामपुरा। नगर पंचायत कार्यालय रामपुरा में बुधवार को बोर्ड बैठक उस समय विवादों में घिर गई, जब विभिन्न मांगों को लेकर सभी सभासदों ने बैठक का बहिष्कार कर दिया। बैठक में नगर के विकास कार्यों पर चर्चा एवं आगामी कार्ययोजना तैयार की जानी थी, लेकिन सभासदों के विरोध के चलते कार्यवाही आगे नहीं बढ़ सकी।
सभासदों का आरोप है कि नगर के विकास से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को लंबे समय से नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कई बार मांग उठाने के बावजूद उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया। इसके चलते उन्हें यह कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा।
सभासदों ने अधिशासी अधिकारी एवं एसडीएम माधौगढ़ राकेश सोनी को शिकायती पत्र सौंपा। इसमें नगर पंचायत अध्यक्ष गायत्री वर्मा पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि कान्हा गोशाला में दूध बिक्री को लेकर भ्रष्टाचार हो रहा है और सरकारी धन के दुरुपयोग के आरोप भी लगाए गए। साथ ही यह भी आरोप लगाया कि भारी कमीशनखोरी के जरिए अकूत संपत्ति अर्जित की जा रही है।
सभासदों ने बताया कि चेयरमैन से कई बार आय-व्यय का पूरा विवरण मांगा गया, लेकिन अब तक कोई स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई। इसके अलावा आउटसोर्सिंग व्यवस्था में भी अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए कहा कि ठेकेदार के माध्यम से कर्मचारियों का निजी कार्यों में उपयोग किया जा रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि नगर के विकास कार्यों में सभासदों की राय नहीं ली जाती, जिससे पारदर्शिता और जनहित प्रभावित हो रहा है। सभासदों ने अध्यक्ष से अर्जित संपत्तियों के आय स्रोतों का भी विवरण सार्वजनिक करने की मांग की है। इस संबंध में संदीप सोनी (प्रतिनिधि), गिरजा शंकर (प्रतिनिधि), ब्रजेश कुमार, अल्ताफ खान, जाकिर खान, मनोज कुमार, ब्रजेंद्र कुमार, विमल कुमार और रंजना देवी ने संयुक्त रूप से जांच की मांग की है। इधर, नगर पंचायत अध्यक्ष गायत्री वर्मा ने बताया कि आरोप निराधार हैं। सभासद तीन साल से लगातार उनका विरोध कर रहे हैं। बैठक न हो पाए, इसलिए विरोध किया जा रहा है।