उरई (जालौन)। भीषण गर्मी में बिजली संकट से जूझ रहे शहरियों को अभी कुछ दिन और इस समस्या का सामना करना पड़ेगा। पांच नंबर फीडर का ट्रांसफार्मर खराब होने से आधे शहर की बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है। यहां पर वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर दो-दो घंटे सप्लाई दी जा रही है। नया ट्रांसफार्मर लगाने और उसे चालू करने में अभी तीन दिन का समय और लग जाएगा। तब तक के लिए शहरियों को इसी तरह बिजली संकट से जूझना पड़ेगा।
गर्मी शुरू होते ही बिजली संकट भी गहराने लगा है। जर्जर सिस्टम के सहारे चल रहे बिजली विभाग की मशीनें और ट्रांसफार्मर जवाब देने लगे हैं। बुधवार को शहर के पांच नंबर फीडर पर लगा आठ एमबीए का ट्रांसफार्मर खराब हो गया। काफी प्रयास के बावजूद उसकी खामी दूर नहीं हुई। इससे आधे शहर की बिजली सप्लाई बाधित हो गई। आनन-फानन में एसडीओ धर्मवीर सिंह के नेतृत्व में अभियंताओं की टीम ने वैकल्पिक व्यवस्था बनानी शुरू की। तब जाकर देर रात वैकल्पिक व्यवस्था शुरू हो सकी।
आठ एमबीए का ट्रांसफार्मर खराब होने से शहर के जेल रोड, घंटाघर, राजेंद्र नगर, बजरिया में स्थित मोहल्लों की बिजली सप्लाई प्रभावित हुई है। इन जगहों पर लोगों को सहूलियत देने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था बना दी गई है। हर मोहल्ले में दो-दो घंटे सप्लाई दी जा रही है। नया ट्रांसफार्मर मंगाने के लिए भी अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। अभी नया ट्रांसफार्मर आने, इसे लगाने और चालू करने में तीन दिन का समय लग जाएगा।
तब तक के लिए लोगों को इसी वैकल्पिक व्यवस्था से काम चलाना होगा। बिजली संकट के कारण शहरियों का जनजीवन भी प्रभावित होने लगा है। सबसे बड़ी समस्या पानी की उत्पन्न हुई है। पहले से ही शहर के ज्यादातर हैंडपंप जवाब दे चुके हैं और उन्होंने पानी देना बंद कर दिया है। ऐसे में लोगों को टंकी के पानी की सप्लाई का ही सहारा था। पर अब बिजली न आने के कारण टंकी का पानी भी मुश्किल हो गया है। ऐसी स्थिति में लोग पानी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इस बारे में बिजली विभाग के एसडीओ धर्मवीर सिंह ने बताया आठ मई तक सुचारु रूप से बिजली सप्लाई शुरू हो सकेगी। जल्द से जल्द सप्लाई चालू कराने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।