गरीबों के हितों को देखते हुए खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत ग्रामीणांचलों
में निवास कर रहे बेसहारा लोगों को सस्ता राशन दिया जाना है। इसके तहत
ग्राम सचिव एवं प्रधान प्रतिनिधि की मौजूदगी में राशन कार्ड धारकों के
पात्र लोगों के सत्यापन की प्रक्रिया मंगलवार को हुई। इस दौरान लाभार्थियों
में बड़े लोगों के नाम देख गरीबों ने हंगामा किया। उन्होंने
कोटेदारों पर
राशन न देने एवं अभद्रता के आरोप भी लगाए। बता दें कि जिले में खाद्य
सुरक्षा अधिनियम लागू हो गया है। इसमें गरीबों को सस्ते में गेहूं और चावल
दिया जाएगा। इसे लेकर मंगलवार को ब्लॉक डकोर अंतर्गत ग्राम मुहम्मदाबाद में
राशन संबंधी खुली बैठक की गई। पात्रता सूची में सचिव, दरोगा, अध्यापक के
अलावा कोटेदारों के चहेतों के नाम भी
उजागर होने पर गरीब ग्रामीणों ने
हंगामा शुरू कर दिया। कोटेदारों पर आरोप लगाया कि वह फर्जी राशनकार्ड बनाकर
अनाज की कालाबाजारी करते हैं। ग्राम सचिव रमेश उदैनियां ने कोटेदार और
ग्रामीणों को शांत कराया और कोटेदार से कार्ड धारकों को खाद्यान्न वितरण
करने की बात कही। इस दौरान कई अपात्रों के नामों को पात्रता सूची से हटाने
पर सहमति बन गई।
राशन कार्ड तो है पर खाद्यान्न नहीं मिलता
गांव
के चिंतामन, टेकचंद नागर, संतरानी, चंद्रेश तिवारी आदि का कहना है कि
साहब! राशन कार्ड तो बना दिए गए, पर इन पर वर्षों से हमें राशन नहीं मिल
रहा है। राशन लेने जाने पर कोटेदार भगा देता है।
सस्ते में मिला अनाज
सचिव व प्रधान ने मुहम्मदाबाद, कुसमिलिया, मुहाना, डकोर आदि में सस्ते गल्ले की दुकानों का उद्घाटन किया।