उरई (जालौन)। कांग्रेस जिलाध्यक्ष अनुज मिश्रा को छेड़छाड़ और मोबाइल पर आपत्तिजनक संदेश भेजने का आरोप लगाने वाली युवतियां अपने आरोप से पलट गई हैं। उन्होंने पत्रकार वार्ता में स्वीकार किया कि किसी के भड़काने पर मारपीट की थी। विवाद लेनदेन का था, जिलाध्यक्ष ने उनके साथ छेड़खानी नहीं की थी।
पिछले रविवार यानी एक नवंबर को कांग्रेस की पूर्व पदाधिकारी ने एक युवती के साथ मिलकर जिलाध्यक्ष अनुज मिश्रा की सरेराह पिटाई कर दी थी। दोनों ने जिलाध्यक्ष पर छेड़छाड़, फोन पर आपत्तिजनक संदेश भेजने का आरोप लगाया था। युवतियों की रिपोर्ट पर पुलिस ने अनुज मिश्रा को गिरफ्तार कर सोमवार को जेल भी भेज दिया था, अगले दिन उन्हें जमानत मिल गई थी। पिटाई करने वाली युवतियों में एक कांग्रेस की पदाधिकारी थी, उसे जिलाध्यक्ष ने हटा दिया था।
रविवार को शहर के कालपी रोड स्थित एक रेस्टोरेंट में पत्रकारों से चर्चा की। इसमें पूर्व पदाधिकारी ने बताया कि अनुज मिश्रा ने उनके साथ छेड़खानी नहीं की थी, उनसे लेनदेन का विवाद था। कुछ लोगों के कहने पर छेड़खानी की रिपोर्ट दर्ज करा दी थी। विवाद को छेड़खानी का रूप देने के लिए पार्टी के कुछ लोगों ने उकसाया था। पूर्व पदाधिकारी ने कहा कि वह पार्टी में बतौर सदस्य बनी रहेंगी, कोई पद नहीं चाहिए। जिलाध्यक्ष के वायरल ऑडियो के संबंध में वह चुप्पी साध गईं। पूर्व पदाधिकारी के बयान से पलटने के बाद ये चर्चा शुरू हो गई है कि उन पर हाईकमान का दबाव तो नहीं है।