उरई। पटना से इंदौर जाने वाली पटना इंदौर एक्सप्रेस (19314) में गुरुवार की भोर में चार बजे पटना निवासी ईशा सिन्हा का बैग चोरी हो गया। बैग में दो सोने की अंगूठी, एक मोबाइल, पांच हजार की नगदी समेत करीब साठ हजार का सामान पार हो गया। झांसी जीआरपी ने महिला की तहरीर पर मामला दर्ज कर उरई जीआरपी ट्रांसफर कर दिया। घटना को गंभीरता से लेते हुए जीआरपी एसपी मोहम्मद इमरान ने ट्रेन में एस्कार्ट करने वाले दोनों सिपाहियों को निलंबित कर दिया है।
पटना (बिहार) की रहने वाली ईशा सिन्हा पिता नीरज सिन्हा के साथ पटना से उज्जैन महाकाल दर्शन के लिए पटना इंदौर एक्सप्रेस से जा रही थी। दोनों ट्रेन के बी-4 कोच में यात्रा कर रहे थे। ईशा के मुताबिक ट्रेन जब उरई से झांसी के लिए रवाना हुई। पिरौना स्टेशन से धीमी गति से गुजरने पर उसकी आंख खुली तो पर्स था। बताया पर्स में दो सोने की अंगूठी, एक मोबाइल, पांच हजार नगद रुपये थे। ईशा के पिता नीरज सिन्हा ने इसकी सूचना कोच कंडक्टर (टीटी) को दी। कंडक्टर ने इसकी सूचना कंट्रोल रूम झांसी को दी। वहीं ट्रेन के कोच नंबर एस-8 में गश्त कर रहे एस्कार्ट के सिपाही तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने इससे घटना की विस्तृत जानकारी लेकर तहरीर जीआरपी थाने झांसी में दी। जीआरपी थाने में मामला दर्ज कर उसे उरई जीआरपी थाने के लिए ट्रांसफर कर दिया।
जीआरपी एसओ आरके सिंह का कहना है कि घटना की सूचना मिलते ही वह घटनास्थल पिरौना स्टेशन पर पहुंचे। उन्होंने वहां ड्यूटी पर तैनात डिप्टी एसएस जयसिंह से ट्रेन की लोकेशन ली और धीमी होने के कारण जाना। उन्होंने बताया कि उन्होंने बताया स्टेशन से हाईवे रोड तक चोरों की निशानदेही देखी पर पता नहीं चला। उधर, इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जीआरपी के पुलिस अधीक्षक मोहम्मद इमरान का कहना है कि एसी कोच में महिला यात्री के साथ चोरी हुई है। इस पर उन्होंने तत्काल जीआरपी चौकी कालपी में तैनात एस्कार्ट के सिपाही हेड कांस्टेबल रामपाल सिंह, भूपेंद्र सिंह को निलंबित कर दिया। उन्होंने बताया घटना का जल्द खुलासे के लिए तीन टीमों का गठन किया गया। जिसमें चौकी इंचार्ज कालपी जयलाल, उरई इंस्पेक्टर आरके सिंह और झांसी के इंस्पेक्टर के नेतृत्व में टीम बनाई है। टीमें कानपुर सेंट्रल, उरई व झांसी स्टेशन पर सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। उन्होंने बताया कि ट्रेनों में तत्काल अतिरिक्त स्कॉर्ट बढ़ाया गया है।